Video: इजरायली PM के साथ बीच पर कुछ इस अंदाज में दिखे मोदी
अपनी तीन द्विवसीय यात्रा के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने समकक्ष इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ कुछ अलग अंदाज में दिखे। वह नेतन्याहू के साथ हाइफा के समुद्र किनारे लहरों के बीच घूमते नजर आए हैं। इसके पहले उन्होंने हायफा पहुंचकर प्रथम विश्व युद्ध में मारे गए भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि दी है। इस दौरान उनके साथ इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू भी मौजूद थे।
#WATCH: PM Narendra Modi and his Israeli counterpart Benjamin Netanyahu at Dor beach in Haifa, Israel #IndiaIsraelFriendship pic.twitter.com/yqQOl4dcJR
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PM Modi and PM Netanyahu at Dor beach in Haifa #IndiaIsraelFriendship pic.twitter.com/PMQxwNQI7t
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI_news) 6 July 2017
वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने इजरायल यात्रा के तीसरे दिन हायफा पहुंचकर प्रथम विश्व युद्ध में मारे गए भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके साथ इजरायल के पीएम नेतन्याहू भी मौजूद थे। हायफा वह जगह है जहां भारतीय सपूतों ने अपनी गौरवगाथा और बहादुरी को पूरी दुनिया के सामने रखा था। हायफा का भारत के लिए विशेष महत्व है।
पीएम मोदी ने यात्रा के दूसरे दिन साझा घोषणापत्र जारी करते हुए घोषणा की थी कि हायफा जाकर प्रथम विश्व युद्ध में 44 शहीद भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे। यह मेरे दिल के बेहद करीब है।'PM Narendra Modi and PM Netanyahu at cemetery for Indian soldiers of WWI in Haifa, Israel #IndiaIsraelFriendship pic.twitter.com/1hSvnWOFp9
— ANI (@ANI_news) July 6, 2017
बता दें कि हर साल 23 सितंबर को भारतीय सेना द्वारा हायफा दिवस मनाया जाता है। हायफा की लड़ाई को प्रथम विश्व युद्ध के बहादुरी से लड़ी जाने वाली लड़ाईयों में से एक माना जाता है।
99 साल प्रथम विश्वयुद्ध में हिंदुस्तान के वीर योद्धाओं ने हायफा को तुर्कों से मुक्त कराया था। जिसमें भारत के जोधपुर, मैसूर तथा हैदराबाद की कैवेलरी रेजिमेंट सम्मिलित थी। जिन्होंने हाइफा को तुर्की-जर्मन सेना के चंगुल से मुक्त कराने में मदद की थी। 402 साल पहले वहां पर तुर्कों का आधिपत्य था।
बता दें कि हायफा येरुशलम और तेल अवीव के बाद इजरायल का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। जिसके कुल जनसंख्या करीब 2.80 लाख है। भारतीय सेनाओं के शौर्य, वीरता और बलिदान का सम्मान करते हुए इजरायल ने भिन्न भिन्न स्थानों पर उनकी स्मृति में मेमोरियल बनाए