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हायफा: प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि
amarujala.com-presented by: मोहित
Updated Thu, 06 Jul 2017 03:18 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल यात्रा के तीसरे दिन हायफा पहुंचकर प्रथम विश्व युद्ध में मारे गए भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके साथ इजरायल के पीएम नेतन्याहू भी मौजूद थे। हायफा वह जगह है जहां भारतीय सपूतों ने अपनी गौरवगाथा और बहादुरी को पूरी दुनिया के सामने रखा था। हायफा का भारत के लिए विशेष महत्व है।
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बता दें कि हर साल 23 सितंबर को भारतीय सेना द्वारा हायफा दिवस मनाया जाता है। हायफा की लड़ाई को प्रथम विश्व युद्ध के बहादुरी से लड़ी जाने वाली लड़ाईयों में से एक माना जाता है।
99 साल प्रथम विश्वयुद्ध में हिंदुस्तान के वीर योद्धाओं ने हायफा को तुर्कों से मुक्त कराया था। जिसमें भारत के जोधपुर, मैसूर तथा हैदराबाद की कैवेलरी रेजिमेंट सम्मिलित थी। जिन्होंने हाइफा को तुर्की-जर्मन सेना के चंगुल से मुक्त कराने में मदद की थी। 402 साल पहले वहां पर तुर्कों का आधिपत्य था।
बता दें कि हायफा येरुशलम और तेल अवीव के बाद इजरायल का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। जिसके कुल जनसंख्या करीब 2.80 लाख है। भारतीय सेनाओं के शौर्य, वीरता और बलिदान का सम्मान करते हुए इजरायल ने भिन्न भिन्न स्थानों पर उनकी स्मृति में मेमोरियल बनाए हैं।
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पीएम मोदी ने यात्रा के दूसरे दिन साझा घोषणापत्र जारी करते हुए घोषणा की थी कि हायफा जाकर प्रथम विश्व युद्ध में 44 शहीद भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे। यह मेरे दिल के बेहद करीब है।'PM Narendra Modi and PM Netanyahu at cemetery for Indian soldiers of WWI in Haifa, Israel #IndiaIsraelFriendship pic.twitter.com/1hSvnWOFp9
— ANI (@ANI_news) July 6, 2017विज्ञापन
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बता दें कि हर साल 23 सितंबर को भारतीय सेना द्वारा हायफा दिवस मनाया जाता है। हायफा की लड़ाई को प्रथम विश्व युद्ध के बहादुरी से लड़ी जाने वाली लड़ाईयों में से एक माना जाता है।
99 साल प्रथम विश्वयुद्ध में हिंदुस्तान के वीर योद्धाओं ने हायफा को तुर्कों से मुक्त कराया था। जिसमें भारत के जोधपुर, मैसूर तथा हैदराबाद की कैवेलरी रेजिमेंट सम्मिलित थी। जिन्होंने हाइफा को तुर्की-जर्मन सेना के चंगुल से मुक्त कराने में मदद की थी। 402 साल पहले वहां पर तुर्कों का आधिपत्य था।
बता दें कि हायफा येरुशलम और तेल अवीव के बाद इजरायल का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। जिसके कुल जनसंख्या करीब 2.80 लाख है। भारतीय सेनाओं के शौर्य, वीरता और बलिदान का सम्मान करते हुए इजरायल ने भिन्न भिन्न स्थानों पर उनकी स्मृति में मेमोरियल बनाए हैं।