उत्तर कोरिया या दक्षिण कोरिया, किसमें ज्यादा है दम
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उत्तर कोरिया और अमरीका के बीच धमकियों का दौर चल रहा है, लेकिन बहुत सारे लोगों को ये पता नहीं चल पा रहा है कि उत्तर कोरिया के लोग क्या सोचते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग-उन लोगों पर कड़ी निगरानी रखते हैं और एहतियातन उन्हें बाकी दुनिया से काट कर रखते हैं।
इस देश को आम तौर पर एक अलग-थलग और 21वीं शताब्दी के मुल्क के रूप में नहीं दिखाया जाता है। यहां के आंकड़े पाना बहुत मुश्किल काम है और अक्सर सिर्फ अनुमानों से काम चलाना पड़ता है, लेकिन ये अनुमान भी हमें उत्तर कोरिया के बारे में क्या बताते हैं, आइए जानते हैं।
हालांकि आबादी के लिहाज से उत्तर कोरिया दुनिया का 52वां देश है, लेकिन यह चौथा सबसे बड़ा सैन्य ताकतवाला देश है। एक अनुमान के तौर पर उत्तर कोरिया अपने जीडीपी का 25 प्रतिशत सैन्य मामलों पर खर्च करता है। लगभग सभी नागरिकों को सैन्य प्रशिक्षण से होकर गुजरना पड़ता है।
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किम द्वितीय सुंग ने 1948 में उत्तर कोरिया की स्थापना की और तबसे उनका खानदान ही यहां शासन कर रहा है। जबकि इसी दौरान छह गणतंत्र, एक क्रांति, कुछ तख्तापलट और फिर निष्पक्ष चुनाव हुए। अब तक यहां 12 राष्ट्रपति हुए। 32 लाख मोबाइल देखने में तो बहुत बड़ी संख्या लगती है, लेकिन 2.5 करोड़ की आबादी के लिहाज से ये 10 में से एक व्यक्ति के पास ही संभव है। इसमें से भी अधिकांश मोबाइल रखने वाले राजधानी प्योंगयांग में रहते हैं।
उत्तर कोरिया में एक हजार में केवल 11 लोगों के पास है कार
दक्षिण कोरिया की राजधानी सिओल में स्थित सुंगक्यूंक्वान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डेनियल ने उन उत्तर कोरियाई शरणार्थियों की लंबाई का अध्ययन किया जो सीमापार कर दूसरी तरफ चले आए थे। उन्होंने पाया कि दक्षिण कोरियाई नागरिकों के मुकाबले उनकी लंबाई में तीन से आठ सेंटीमीटर या 1.2 से 3.1 इंच का फर्क था। लंबी आयु के मामले में भी उत्तर कोरियाई नागरिक पड़ोसी मुल्क की अपेक्षा औसतन 12 साल कम जीते हैं।
हालांकि दक्षिण कोरिया के मुकाबले उत्तर कोरिया में जन्मदर अधिक है। उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग की तस्वीरों में अक्सर खुली-खुली और चौड़ी सड़कें दिखती हैं जहां ट्रैफिक बहुत कम होता है। लेकिन शहर से बाहर की स्थिति बहुत ही उलट है। यहां कुल 25,554 किलोमीटर सड़कें हैं, ये आंकड़ा 2006 का है। लेकिन इनमें भी सिर्फ 3 प्रतिशत सड़कें पक्की हैं। यानी महज 724 किलोमीटर ही पक्की सड़कें हैं।
ये भी अनुमान लगाया जाता है कि उत्तर कोरिया में एक हजार में केवल 11 लोगों के पास कार है। इसके अलावा यह देश मुख्य रूप से कोयले के निर्यात पर निर्भर है, लेकिन खदानों को लेकर कोई विश्वसनीय आंकड़ा सामने नहीं है।