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दुश्मनी को भुलाते हुए नॉर्थ कोरिया अमेरिका से बातचीत को तैयार: साउथ कोरिया

Sun, 25 Feb 2018 07:46 PM IST
एजेंसी, सोल
एजेंसी, सोल Updated Sun, 25 Feb 2018 07:46 PM IST
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north korea is ready for talk with america says south korea president office

अमेरिका के लगाए गए नए और कड़े प्रतिबंधों के बीच उत्तर कोरिया ने रविवार को वाशिंगटन से बातचीत करने के संकेत दिए। यह जानकारी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय के हवाले से दी है। 

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खबरों के अनुसार, उत्तर कोरियाई जनरल किम योंग चोल के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई के साथ किसी अज्ञात स्थान पर करीब एक घंटे तक बातचीत की। 
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इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका से वार्ता की इच्छा जाहिर की। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिका ने उत्तर कोरिया और चीन समेत छह देशों में रजिस्टर्ड 27 शिपिंग कंपनियों और 28 जंगी जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिया था। 
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उसके इस कदम पर किम जोंग उन ने सख्त नाराजगी जताई थी और कहा था कि दक्षिण कोरिया के साथ सुधरते रिश्तों को खराब करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। यह जंग की वजह बन सकता है।

शीतकालीन ओलंपिक से मिलेंगे दिल
दक्षिण कोरिया में शीतकालीन ओलंपिक के समापन समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका भी शामिल हो रही हैं।
  
उत्तर कोरिया के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जनरल किम योंग चोल कर रहे हैं। उन पर 2010 में दक्षिण कोरियाई नौसेना के एक युद्धपोत चेओनान को नष्ट करने का आरोप है। इस हमले में 46 दक्षिण कोरियाई नौसैनिक मारे गए थे। 

कंजरवेटिव सांसदों और इस हमले के पीड़ितों के परिजनों ने चोल के खिलाफ रैली भी निकाली। हालांकि दक्षिण कोरिया सरकार का कहना है कि उसने जनता के विरोध के बावजूद चोल की यात्रा को मंजूरी इसलिए दी क्योंकि उसका मानना है कि यात्रा से दोनों देशों के संबंध मजबूत होंगे और कोरियाई प्रायद्वीप में शांति के लिए वार्ता का रास्ता निकलेगा। 

परमाणु हथियार संपन्न उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ दुश्मनी को भुलाते हुए ओलंपिक खेलों के लिए अपने एथलीट, चीयरलीडर्स भेजे। उद्घाटन समारोह में उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग भी शामिल हुई थीं। 


वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियार और बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षणों के चलते लगाए गए प्रतिबंधों पर अपने इस कदम के जरिए ढील चाहता है। साथ ही उसकी कोशिश सोल और वाशिंगटन के गठबंधन को कमजोर करने की भी है।   

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