{"_id":"5d71d3918ebc3e93b43445c4","slug":"no-government-help-for-companies-in-pakistan-occupied-kashmir-south-korea-with-india-on-pok","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाक अधिकृत कश्मीर पर भारत के साथ आया दक्षिण कोरिया, लिया बड़ा फैसला","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
पाक अधिकृत कश्मीर पर भारत के साथ आया दक्षिण कोरिया, लिया बड़ा फैसला
Fri, 06 Sep 2019 09:03 AM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, सियोल
वर्ल्ड डेस्क, सियोल
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 06 Sep 2019 09:03 AM IST
विज्ञापन
दक्षिण कोरिया में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाक अधिकृत कश्मीर पर भारत को दक्षिण कोरिया का खुला समर्थन मिला है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की कोरिया यात्रा के दौरान वहां की सरकार ने ऐलान किया कि पाक अधिकृत कश्मीर में काम करने वाली अपनी कंपनियों को सरकार द्वारा 2014 में लागू की गई नीति के अनुसार कोई भी सरकारी सहायता प्रदान नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया की यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान द्वारा जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जे का मुद्दा उठाते हुए कोरियन सरकार से बुनियादी ढांचे और अन्य परियोजनाओं में निवेश को अवरुद्ध करने का आग्रह किया है। भारतीय रक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) भारतीय संप्रभुता का उल्लंघन करता है।
विज्ञापन
बता दें, चीन द्वारा पाकिस्तान में बनाया जा रहा चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) पाक अधिकृत कश्मीर से गुजरता है। इस निर्माण में चीनी कंपनियों के अलावा कई कोरियाई कंपनियां भी लगी हुई हैं। अब उन कंपनियों को दक्षिण कोरियाई सरकार द्वारा मिलने वाली सब्सिडी और टैक्स में रियायत नहीं मिलेगी।
विज्ञापन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कोरिया गणराज्य के प्रधानमंत्री ली नाक-योन ने कई अन्य सामरिक समझौतों पर सहमति व्यक्त की। रणनीतिक जानकार दक्षिण कोरियाई सरकार द्वारा की गई इस घोषणा को भारत की बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत करार दे रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने दक्षिण कोरियाई सरकार को जम्मू और कश्मीर को लेकर भारत की योजनाओं के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान का कोई रिश्ता नहीं है। वह हिंसा भड़काने और प्रशासनिक स्थिति को बिगाड़ने के उद्देश्य से स्थानीय आबादी को भड़काता है।