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'चीन अपने लोगों को ले गया, और हम फंसे हुए हैं'

Mon, 27 Apr 2015 01:30 PM IST
दिव्या आर्या बीबीसी संवाददाता, काठमांडू से
दिव्या आर्या बीबीसी संवाददाता, काठमांडू से Updated Mon, 27 Apr 2015 01:30 PM IST
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nepal earthquake: afacted people unhappy to indian government

भारत सरकार का कहना है कि अब तक नेपाल से 1935 भारतीय नागरिकों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला जा चुका है। लेकिन काठमांडू एयरपोर्ट पर भारत सरकार के कोशिशों के बावजूद लोगों में बेचैनी और गुस्सा है।

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नेपाल में शनिवार को आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की तादाद अब 3000 से ज्यादा हो गई है। लगातार आ रहे ऑफ्टरशॉक के बाद लोगों में दहशत है और वो किसी भी तरह नेपाल छोड़ना चाहते हैं।
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मोहम्मद असलम और प्रदीप 24 घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतजार करने के बाद अब सड़क के रास्ते वापस भारत लौटने की तैयारी कर रहे हैं। मूल रूप से जयपुर के असलम काठमांडू में गहनों की दुकान चलाते हैं। उनकी दुकान को भी नुकसान हुआ है और अब वो अपने परिवार समेत भारत जाना चाहते हैं।
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जयपुर के असलम का कहना है कि भारत सरकार ने ऐसे काम नहीं किया जैसे चीन सरकार कर रही है। लेकिन 24 घंटे हवाई अड्डे पर बिताने के बावजूद उनको किसी भी विमान पर नहीं चढ़ाया गया। अब वो और उनके छह दोस्त सड़क के रास्ते अपना सामान बांधकर भारत जाने की तैयारी कर रहे हैं।

सरकार से नाराज

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असलम कहते हैं कि वो मोदी सरकार से बहुत नाराज हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें लगता है कि उनको निकालने के लिए कोशिशें नहीं की जा रही हैं। असलन बताते हैं कि "चीनी दूतावास से लोग आकर बकायदा हवाई अड्डे से चीनी नागरिकों को लेकर गए लेकिन भारतीय दूतावास से लोग सिर्फ़ हमें दिलासे दे रहे हैं। मानों हमें बेवकूफ बना रहे हों।"

लोगों के हाथ के पीछे एक नंबर लिखकर बारी का इंतजार करने के लिए कहा गया था। प्रदीप भी असलम के साथ रविवार को दिनभर हवाई अड्डे पर थे। अपना हाथ दिखाते हुए उन्होंने बताया कि उन सबको एक नंबर दिया गया था और कहा गया था कि नंबर आने पर उन्हें विमान में चढ़ाया जाएगा। लेकिन उनका नंबर नहीं आया।

आख‌िरकार रात में वो हवाई अड्डे से वापस लौट आए हैं और एक मस्जिद के अहाते में रात गुजारी है। अब वो भी सड़क मार्ग से भारत जाने की तैयारी कर रहे हैं। प्रदीप के एक दोस्त ने कहते हैं कि गर्भवती महिलाएं और बच्चे भी उन लगभग पंद्रह हजार लोगों में शामिल हैं जो हवाई अड्डे पर इंतजार कर रहे हैं।

एयरपोर्ट पर जगह नहीं

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उन्होंने कहा कि वहां पीने के पानी या खाने की भी कोई सुविधा नहीं है। एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि राहत सामग्री और बचाव दल को लाने वाले विमानों और हेलिकॉप्टरों से हवाई अड्डा भर गया है। इसी वजह से व्यवसायिक उड़ानों को लैंड करने की जगह नहीं मिल पा रही है।

नेपाल में फंसे भारतीय अब सड़क मार्ग से आने की तैयारी कर रहे हैं। उनके मुताबिक भारत और अन्य देशों से कई उड़ानों ने काठमांडू का रुख किया लेकिन ऊपर ही चक्कर लगाकर वापस लौटना पड़ा। अधिकारियों के मुताबिक अब तक सिर्फ तीन उड़ाने यात्री उड़ानें ही भारत से काठमांडू पहुंची थी। जो यात्रियों को लेकर भारत लौट चुकी हैं।

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