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बाबू मोशाय इन 5 देशों में जिंदगी लंबी नहीं बड़ी है

Thu, 17 Aug 2017 09:41 PM IST
लिंडसे गैलोवे, बीबीसी
लिंडसे गैलोवे, बीबीसी Updated Thu, 17 Aug 2017 09:41 PM IST
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Life is bigger not longer in these five countries

सदियों से अमरता की बूटी की खोज जारी है और कुछ नहीं तो लंबी उम्र का वरदान सभी चाहते हैं। तो आज बात ऐसे पांच देशों की जहां के निवासियों की औसत आयु दुनिया की औसत आयु (71 वर्ष) से अधिक है और जानते हैं क्या है उनकी दीर्घायु का राज़?2017 की विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट के मुताबिक सबसे लंबी उम्र जीने वाले कुछ देशों के निवासियों से हमने बात की और यह जानने की कोशिश की आख़िर उनके दीर्घायु होने के पीछे क्या राज़ है।

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जापान
जापान की औसत आयु है 83 वर्ष और यहाँ का दक्षिणी द्वीप-समूह ओकिनावा बरसों से दीर्घजीविता से जुड़े अनुसन्धानों का वैश्विक केंद्र रहा है। अमर देश कहलाने वाले इस द्वीपसमूह में 400 से भी ज़्यादा लोग शतायु हैं यानी उनकी उम्र 100 साल या उससे ज़्यादा है। इसका श्रेय दिया जाता है वहाँ के स्थानीय खान-पान को यानी ढेर सारा टोफू, शकरकंद और थोड़ी-सी मछली।
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बुज़ुर्ग जापानियों के सक्रिय सामाजिक संगठन और सुदृढ़ सामुदायिक भावना भी तनाव का स्तर कम रखने में मददगार है। लेकिन अगर आप यहां रहने की सोच रहे हों तो जापानी भाषा ज़रूर सीख लें. काफ़ी समय से जापान में रह रही वेलवेट मीडिया की सीईओ डेनियल गैटी बताती हैं, "जापान की जीवनशैली अद्भुत है, लेकिन यहां के लोगों को समझने और स्थानीय समाज से तालमेल बिठाने के लिए जापानी भाषा सीखनी ज़रूरी है।"
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स्पेन
अब बात स्पेन की. दिल के लिए मुफीद ऑलिव ऑइल, सब्ज़ियों और वाइन से भरा-पूरा होता है इस भूमध्यसागरीय देश का भोजन। स्पेनवासियों की लंबी उम्र (औसत आयु 82.8 वर्ष) में उनके इस खान-पान का ख़ास योगदान है। मगर एक और भी राज़ है और वह है सीएस्ता यानी दोपहर में आराम और मीठी-सी नींद। स्पेन में दुकानें दोपहर 2 से 5 बजे तक बंद रहती हैं। वहां काम की पारियां ही ऐसे निर्धारित हैं कि आपको दोपहर में आराम का वक्त मिले।

बार्सिलोना के ग्रे लाइन टूर गाइड माइकल एंजेल डियाज़ बेसोरा कहते हैं, "अगर आपकी लगातार शिफ्ट हो और बीच में सिर्फ आधा घंटे का वक़्त लंच के लिए मिले तो आप जल्दी-जल्दी कुछ खाएँगे और फिर से काम पर जुट जाएंगे। लेकिन अगर काम की पारी ऐसी हो कि आपको दो-तीन घंटे काम बंद करना हो तो आप अपने घर या किसी रेस्तरां में तसल्ली से खाना खाएँगे और वह अच्छे से पचेगा भी।

यक़ीनन, यह तरीक़ा झटपट खाने से ज़्यादा स्वास्थ्यकर है।" इसके अलावा, स्पेनवासी पैदल चलना या साइकिल से आना-जाना पसंद करते हैं क्योंकि वहां दुकानें और रेस्तरां सभी कुछ, लोगों के घरों के बहुत पास हैं। बार्सिलोना ईट लोकल फूड टूअर्स की सह-संस्थापक मारीना कहती हैं, "पैदल चलने और साइकिल चलाने की आदत स्पेनवासियों को हमेशा तरोताजा और ऊर्जा से लबरेज रखती है।"

सिंगापुर

Life is bigger not longer in these five countries
सिंगापुर

विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं और उनकी सर्व सुलभता से आज सिंगापुरवासियों की औसत आयु 83.1 वर्ष हो गई है. इस देश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर बेहद कम है और रोगों की रोकथाम यहां के चिकित्सा तंत्र का मुख्य फ़ोकस है। सिंगापुर की संस्कृति और शहरी सुविधाओं तक लोगों की आसान पहुंच भी यहाँ के लोगों के दीर्घायु जीवन का एक अहम कारण है।

यात्रा ब्लॉर आई वॉन्डर के ब्लॉगर बीनो चुआ बताते हैं, "यहाँ आपको बहुत से लोग जिम जाते दिखाई देंगे, यहाँ सार्वजनिक पार्कों की भरमार है जहां कसरत करते लोग आम दिखाई पड़ते हैं।'' हाल ही में देश में पहला थेरेपी पार्क खोला गया है। इसे तनाव कम करने और बुज़ुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार को ध्यान में रखकर ही डिजाइन किया गया है। और सबसे ख़ास बात, यहाँ बुरी आदतें पालना खासा महंगा है। सिगरेट और शराब पर भारी कर है और दूसरे देशों के मुक़ाबले उनकी कीमतें भी काफ़ी अधिक हैं।

स्विट्जरलैंड
यूरोप के सर्वाधिक सम्पन्न देशों में शुमार स्विट्जरलैंड के पुरुष दुनिया में सबसे लंबी उम्र जीते हैं. उनकी औसत आयु 81 वर्ष है। बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं और सुरक्षा का मजबूत भरोसा इस लंबी उम्र का राज़ है। वैसे कुछ अध्ययनों में स्विस भोजन में चीज़ और दुग्ध उत्पादों की बहुतायत को दीर्घायु जीवन का सबसे बड़ा कारक माना गया है। स्विट्जरलैंड में कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के मुख्यालय हैं, जहां तमाम देशों के लोग काम करते हैं।

इन लोगों का मुख्य फोकस अपने करियर पर रहना लाज़मी है. ऐसे में, यूरोप के बीचोबीच स्थित स्विट्जरलैंड सप्ताहांत में यूरोप के ख़ूबसूरत स्थलों और आल्प्स की ख़ूबसूरत पहाड़ियों पर काम के तनाव को दूर करने के लिए आदर्श जगह है। इसके अलावा, जैसा कि स्विट्जरलैंड में रह चुकी गैटी ने बताया, "स्विट्जरलैंड में दुनिया के कुछ सबसे बेहतरीन प्राइवेट स्कूल भी हैं और इसीलिए यह युवा दम्पतियों की पसंदीदा जगह है।

दक्षिण कोरिया
हाल के एक अनुसंधान के मुताबिक दक्षिण कोरिया 90 वर्ष की औसत आयु हासिल करने वाला दुनिया का पहला देश बनने वाला है। मजबूत और प्रगतिशील अर्थव्यवस्था वाले इस देश में सबको स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हैं। एक ख़ास बात यह कि पश्चिमी देशों के मुक़ाबले यहां के लोगों का रक्तचाप कम रहता है। यहां के भोजन में खमीर की प्रधानता है और माना जाता है कि खमीरयुक्त भोजन से कोलेस्ट्राल कम रहता है, रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और कैंसर की भी रोकथाम होती है।

सामुदायिक संस्कृति पर बल और परम्पराओं का निर्वाह भी कोरियाई लोगों के रोज़मर्रा के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाता है। इन सबके अलावा, यहां के बौद्ध दर्शन से प्रभावित जीवनशैली में शांति और संतोष का विशेष महत्व है और व्यक्तिवादिता के मुक़ाबले सहयोग की भावना पर बल दिया जाता है। उम्मीद है कि दुनिया के बाक़ी देश और देशवासी भी लंबी उम्र वाले इन देशों से कुछ सबक लेंगे।

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