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कैलाश मानसरोवर यात्रा: 1200 से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला, अब भी फंसे हैं कई लोग
एजेंसी, काठमांडू
Updated Fri, 06 Jul 2018 07:13 PM IST
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नेपाल के पहाड़ी सिमिकोट इलाके से 1200 से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों को शुक्रवार को सुरक्षित निकाला गया। नेपाल में भारतीय दूतावास ने इसकी जानकारी दी।
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खराब मौसम के कारण तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटने वाले यात्री हिल्सा इलाके में फंसे हुए हैं, उन्हें बचाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा कि शुक्रवार को अथक प्रयासों के बाद वहां फंसे कुल 1,225 यात्रियों को सिमिकोट से नेपालगंज और सुरखेत ले जाया गया। ये दोनों गांव भारतीय सीमा के करीब हैं और वहां बेहतर स्वास्थ्य और विनिर्माण की सुविधाएं मौजूद हैं।
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दूतावास ने कहा कि इसके साथ ही उन्होंने टूर ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम किया। ताकि हिल्सा में फंसे 675 तीर्थयात्रियों को सिमिकोट पहुंचाया जाए और फिर वहां से उन्हें नेपालगंज और सुरखेत ले जाया जाए।
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बयान के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान 74 व्यावसायिक उड़ानें संचालित की गईं। वहीं दूतावास ने नेपाल सेना के हेलीकॉप्टरों के साथ एमआई-16 निजी विमानों को लगाया था, जिन्होंने कुल 142 उड़ाने भरीं।
शुक्रवार को ही सिमिकोट में तैनात भारतीय दूतावास के एक अधिकारी ने बताया था कि हिल्सा में फंसे तीर्थयात्रियों की संख्या अब न के बराबर है। उसने कहा कि नेपालगंज और सुरखेत पहुंचे भारतीय तीर्थयात्री भारत वापसी के लिए निकल चुके हैं। वहीं इस दौरान राज्य परिवहन की बसें उपलब्ध कराकर उत्तर प्रदेश सरकार अपनी तरफ से सहायता कर रही है।