तख्तापलट की कोशिश के बाद, पहली बार तुर्की जाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री?
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तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब एर्दोगान ने कहा कि अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन कैरी 21 अगस्त को तुर्की आएंगे। जॉन कैरी अगर 21 तुर्की आते हैं तो विफल तख्तापलट के बाद तुर्की में किसी पश्चचिमी देश के उच्चपदधारी की यह पहली यात्रा होगी।
विदेश मंत्री जॉन कैरी की यात्रा की अगर पुष्टि हो जाती है तो यह यात्रा ऐसे समय होगी जब तुर्की और अमेरिका के रिश्तों में तनाव बढ़ा हुआ है। तुर्की और अमेरिका के रिश्तों में तनाव का कारण तुर्की द्वार अमेरिका से पेंसिल्वेनिया स्थित धार्मिक उपदेशक फतुल्लाह गुलेन की प्रत्यर्पण की मांग है।
तुर्की ने 15 जुलाई को सरकार का तख्ता पलटने की कोशिश के पीछे फतुल्लाह गुलेन को ही मास्टरमाइंड बताया है। विफल तख्तापलट के बाद से तुर्की सराकर ने मिलिट्री, अदालत, सिविल सर्विस और शिक्षा के क्षेत्र से 60 हजार से ज्यादा लोगों को बर्खास्त और हिरासत में लिया है।
तुर्की की सराकर को सत्ता से बेदखल करने के आरोप
तुर्की के टीआरटी टेलीविजन को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति एर्दोगान ने कहा कि मुझे लगता है कि विदेश मंत्री जॉन कैरी 21 अगस्त को तुर्की आ रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि 2 हफ्तों के अदंर विदेश और जस्टिस मिनिस्टिर के नेतृत्व में एक प्रितिनिधिमंडल अमेरिका जाएगा और गुलेन की विफल तख्तापलट में भागीदारी को स्पष्ट करेगा।
हाल ही में तुर्की की इस्तांबुल कोर्ट ने अमेरिका के पेंसिल्वेनिया स्थित धार्मिक उपदेशक फतुल्लाग गुलेन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। फतुल्लाह गुलेन के खिलाफ तुर्की की सराकर को सत्ता से बेदखल करने के आरोप लगाए गए हैं।