जसपाल अटवाल ने भारत-कनाडा से मांगी माफी, कहा- अब मैं खालिस्तान समर्थक नहीं
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पिछले महीने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रूदो की भारत यात्रा के दौरान विवाद का कारण बने पूर्व खालिस्तानी जसपाल अटवाल ने भारत और कनाडा से माफी मांगी है। उन्होंने यह भी कहा कि वह आतंक का समर्थन नहीं करते हैं। वह सिखों के लिए अलग देश की मांग भी नहीं करते हैं। त्रूदो का दौरा खत्म होने के 13 दिन बाद जसपाल ने कहा, उनकी वजह से भारत और कनाडा को जो शर्मिंदगी हुई, उसके लिए वह माफी मांगते हैं। मालूम हो कि त्रूदो के भारत दौरे के दौरान मुंबई में हुए एक कार्यक्रम में अटवाल भी शामिल हो गए थे। उन्होंने वहां कनाडा के प्रधानमंत्री त्रूदो की पत्नी सोफिया और एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी के साथ तस्वीरें भी खिंचवाई थीं।
भारत सरकार ने इस पर आपत्ति जताई। इससे न सिर्फ जस्टिन त्रूदो को शर्मिंदगी उठानी पड़ी, बल्कि उन्होंने सफाई भी दी थी। त्रूदो ने कहा था कि कार्यक्रम में अटवाल को नहीं बुलाया जाना चाहिए था। वह कनाडा के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं था, उसे कनाडा के एक सांसद ने निजी रूप से न्यौता दिया था।
आतंक से रहा है अटवाल का नाता
जसपाल अटवाल खालिस्तान समर्थक रहा है। वह बैन किए गए सिख इंटरनेशनल यूथ फेडरेशन में काम करता था। अटवाल पर 1986 में कनाडा गए पंजाब के पूर्व मंत्री मलकीत सिंह सिद्धू पर जानलेवा हमला करने का भी आरोप लगा था। इसके लिए उसे सजा भी हुई। हालांकि वह बाद में रिहा हो गया।