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गोरे लोग पालते हैं कुत्ते: जैकब जुमा

Tue, 01 Jan 2013 11:20 AM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Tue, 01 Jan 2013 11:20 AM IST
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jacob zuma says pet dogs are part of white culture

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा का कहना है कि कुत्ते गोरे पालते हैं। इसके बाद से उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया पर उनका विरोध शुरू हो गया है।

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हालांकि, दक्षिण अफ्रीकी सरकार की तरफ से राष्ट्रपति के बयान पर सफाई भी पेश की गई लेकिन मामला ठंडा नहीं पड़ा।

राष्ट्रपति जैक़ब जुमा ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि, “कुत्ते पालना गोरो के जीवन का हिस्सा है अफ्रीकी संस्कृति का नहीं।”

राष्ट्रपति के प्रवक्ता मैक महाराज ने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि जुमा का तात्पर्य इंसानों के मुकाबले जानवर से अधिक प्रेम करने से था।

सफाई
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के संदेश में दक्षिण अफ्रीका की जनता को ‘उपनिवेशवादी मानसिकता’ से उबारने की इच्छा ज़ाहिर की गई थी। दक्षिण अफ्रीका में 1994 में गोरा अल्पसंख्यक शासन खत्म हो गया था।
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दक्षिण अफ्रीका के 'मर्करी समाचार पत्र' मे छपी रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति जुमा ने क्वाज़ुलु नटाल प्रांत में हजारों लोगों की रैली को संबोधित किया।

राष्ट्रपति ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, “जिन लोगों ने कुत्तों को खरीदने पर पैसे खर्च किए वो दरअसल गोरों की संस्कृति से संबंध रखते हैं।”

अख़बार ने राष्ट्रपति के हवाले से कहा है कि दक्षिण अफ्रीका की नई युवा पीढ़ी भी गोरों की जीवन शैली अपनाती हुई नजर आती है।

उन्होंने कहा- “अगर आप किसी भी तरह का लोशन लगाकर या अपने बालों को सीधा करने का प्रयास करते हैं तो ये कभी नहीं हो सकता।''

विरोध
राष्ट्रपति के बयान का सबसे ज्यादा विरोध सोशल मीडिया पर हो रहा है।

उनके बयान को नस्लभेदी करार दिया जा रहा है वहीं जानवर प्रेमी उनके बयान को लेकर अलग भड़के हुए हैं क्योंकि उन्होंने कुत्ते पर टिप्पणी कर दी है। इन लोगों का मानना है कि राष्ट्रपति जुमा ने पशु विरोधी बयान दिया है।
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वैसे विवादों से राष्ट्रपति जुमा का पुराना नाता रहा है चाहे वो उनके विवाह को लेकर हो या फिर उनकी जीवन शैली को लेकर। स्त्रीवादियों, समलैंगिकों और काले बुद्धिजीवियों पर टिप्पणी करते रहने के लिए वो पहले ही काफी बदनाम हैं।

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