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'लड़कों की तरह' बैठीं लड़कियां तो मिलेगी सजा

Fri, 04 Jan 2013 11:07 AM IST
Updated Fri, 04 Jan 2013 11:07 AM IST
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Indonesian city bans bike straddling for women

इंडोनेशिया के आचेह प्रांत के एक शहर में महिलाओं को मोटरबाइक पर पुरुषों के पीछे दोंनो ओर टांगें करके न बैठने का आदेश दिया है।

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ल्होकसेउमावे शहर में शरिया कानून का पालन किया जाता है। शहर के मेयर सुआईदी याहया का कहना है कि इस आदेश का मकसद लोगों में "नैतिकता और व्यवहार" को बचाना है। इस नियम की जानकारी देने के लिए सरकारी दफ़्तरों और नागरिकों को पंपलेट भेजे जा चुके हैं। पूरे इंडोनेशिया में आचेह एकमात्र प्रांत है जहां शरिया क़ानून लागू है।

'इस्लामिक मूल्यों का उल्लंघन'

ल्होकसेउमावे के मेयर के मुताबिक इस नए नियम के तहत महिलाओं को मोटरबाइक पर एक तरफ़ पैर करके ही बैठने की इजाज़त होगी क्योंकि दोनों तरफ़ टांगें कर बैठने से इस्लामिक मूल्यों का उल्लंघन होता है। सुआइदी का कहना था, "जब आप एक महिला को बाइक के दोनों ओर टांगे कर बैठे देखते हैं, तो वो एक पुरुष की तरह दिखती है। लेकिन अगर वो एक तरफ़ टांगें कर बैठे, तब वो महिला लगती है।"
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सुआइदी ने ये भी कहा कि जो यात्री एक तरफ़ टांगे कर बैठते हैं, वो बहुत कम बाइक से गिरते हैं। उन्होंने ये भी बताया कि स्थानीय प्रशासन एक महीने के अंदर इस नियम की समीक्षा करेगा जिसके बाद ये क़ानून में बदल सकता है। ये पूछे जाने पर कि क्या नियम को नहीं मानने वाली महिलाओं को सज़ा दी जाएगी? मेयर ने कहा कि जब एक बार ये क़ानून बन जाएगा, तो अपने-आप प्रतिबंध भी लग जाएंगे।
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आलोचना
लेकिन इस नियम की उलिल अबशार अब्दल्ला जैसे इंडोनेशिया के मशहूर मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने निंदा की है। राजधानी जकार्ता में रहने वाले अबशार अब्दल्ला ने ट्वीट किया है, "शरिया ये नहीं तय करता कि मोटरबाइक पर कैसे बैठा जाए। इस बात का क़ुरान या हदीसों में इसका जिक्र नहीं है। एक लोकतांत्रिक देश अगर सरकार किसी नियम को क़ानून में बदलना चाहती है तो जिसे शरिया कहा जाता है उसकी लोगों की व्यवहारिक बुद्धि से आंका जाना चाहिए।"

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