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माल्या के लिए तिहाड़ जेल एकदम फिट, अब जल्द हो सकेगा प्रत्यर्पण

Sat, 17 Nov 2018 05:04 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 17 Nov 2018 05:04 AM IST
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Indian Jail is secure, British High Court dismissed argument of bookie Sandeep Chawla

ब्रिटिश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय सट्टेबाज संजीव चावला को करारा झटका दे दिया। चावला 18 साल से चल रहे क्रिकेट मैच फिक्सिंग के मामले में पिछले साल भारत प्रत्यर्पण से बच गए थे। 50 वर्षीय चावला ने निचली अदालत के सामने दिल्ली की तिहाड़ जेल में बदतर हालात की दलील रखी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने चावला की इस दलील को खारिज करते हुए वेस्टमिंस्टर कोर्ट के जज को दोबारा प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।

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इस फैसले को 9000 करोड़ रुपये के कर्ज घोटाले में भगोड़ा घोषित शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है, जो चावला की ही तरह मुंबई की आर्थर रोड जेल में मानवीय हालात नहीं होने की दलील ब्रिटिश कोर्ट में दे रहे हैं। लेकिन ब्रिटिश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारत सरकार की तरफ से जून में दिए गए उस तीसरे लिखित आश्वासन पर संतुष्टि जताई, जिसमें दिल्ली की तिहाड़ जेल के सुरक्षा प्रबंधों के मजबूत होने और चावला को पर्याप्त निजी व स्वच्छ स्थान उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई थी। 
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खास बात ये है चावला के मामले में अदालत में भारतीय पक्ष ब्रिटिश सरकार की क्राउन प्रॉसीक्यूशन सर्विस के उन्हीं बैरिस्टर मार्क समर्स ने पेश किया है, जो माल्या के मामले में भारतीय पक्ष रखने के लिए तैनात किए गए हैं। माल्या के मामले में कोर्ट के सामने पहले ही आर्थर रोड जेल की उस बैरक नंबर 12 का वीडियो पेश किया जा चुका है, जिसमें भारत प्रत्यर्पण के बाद इस शराब कारोबारी को रखा जाना है। इस मामले में अगले महीने निर्णय आने की संभावना है।

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हाईकोर्ट ने कहा, भारतीय जेल में ‘नो रियल रिस्क’

इसके बाद शुक्रवार को दिए अपने निर्णय में रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ब्रिटिश हाईकोर्ट) के जस्टिस लेगेट और जस्टिस डाइंगमेंस ने भारत सरकार की अपील पर निचली अदालत के आदेश को खारिज कर दिया। निर्णय में दोनों जजों ने कहा कि तमाम पहलूओं और अदालत के सामने पेश जानकारियों पर गौर करने के बाद दिख रहा है कि मिस्टर चावला को भारतीय जेल में कोई वास्तविक खतरा (नो रियल रिस्क) नहीं होगा। 

क्रोनिए, अजहरुद्दीन पर फिक्सिंग के आरोपों से जुड़ा है चावला

दिल्ली निवासी संजीव चावला वर्ष 2000 के उस मैच फिक्सिंग कांड का मुख्य आरोपी है, जिसने भारत और दक्षिण अफ्रीका ही नहीं पूरे विश्व की क्रिकेट को हिला दिया था। उस मामले में दक्षिण अफ्रीका के तत्कालीन कप्तान हैंसी क्रोनिए और तत्कालीन भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन समेत निखिल चोपड़ा, अजय जडेजा, अजय शर्मा, नयन मोंगिया और मनोज प्रभाकर जैसे दिग्गजों पर इस फिक्सिंग कांड के छींटे आए थे। 

आरोप है कि चावला ने ही इन सभी से मैच फिक्स करने के लिए संपर्क किया था। बाद में क्रोनए की हवाई जहाज दुर्घटना में मौत हो गई थी। चावला 1996 में बिजेनस वीजा पर ब्रिटेन आया था और वर्ष 2000 में अपना भारतीय पासपोर्ट खारिज होने पर वह ब्रिटेन में ही बस गया था। वर्ष 2005 में उसे ब्रिटिश पासपोर्ट मिल जाने से वह वहां का नागरिक बन गया था।

चावला को आरोपी मानने के बाद भी नहीं किया था प्रत्यर्पित

वेस्टमिंस्टर कोर्ट के जिला जज क्रेन ने 16 अक्तूबर, 2017 को चावला के प्रत्यर्पण मामले में दिए फैसले में उसे प्रथम दृष्टया फिक्सिंग का आरोपी स्वीकार किया था। लेकिन कोर्ट ने स्कॉटिश जेल व्यवस्था में मेडिकल अधिकारी रहे डॉ. एलेन मिचेल की तरफ से तिहाड़ जेल में मानवीय हालात नहीं होने की रिपोर्ट देने के आधार पर चावला के प्रत्यर्पण का भारतीय दावा खारिज कर दिया था। माल्या की डिफेंस टीम ने भी उनके प्रत्यर्पण मामले में डॉ. मिचेल को ही पेश किया है।

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