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सीमा विवाद के बीच साथ आए भारत-चीन, कृषि सब्सिडी कम करने के लिए रखा प्रस्ताव

Sat, 22 Jul 2017 09:26 AM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा Updated Sat, 22 Jul 2017 09:26 AM IST
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india and china seeks reduction in farm subsidies, putting their tussle away

भारत और चीन के बीच तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार को संसद में भारत का पक्ष रखते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन को खरी खोटी सुनाई। जिसके बाद चीनी मीडिया ने सुषमा स्वराज पर सांसदों से झूठ बोलने का आरोप लगाया है। इन सब के बावजूद भारत और चीन साथ-साथ काम कर रहे हैं।

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वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन में भारत और चीन ने कृषि उत्पादों पर सब्सिडी कम करने के लिए एक साथ काम कर रहे हैं। दरअसल दोनों देशों ने एक प्रस्ताव रखा है जिसमें अमेरिका और यूरोपियन संघ के विकसित देशों से कृषि उत्पादों पर सब्सिडी कम करने की बात कही गई है, जिसका फायदा विकासशील और गरीब देशों को मिल सके। 
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इस हफ्ते की शुरुआत में दोनों देशों ने दिसंबर महीने में होने वाली मंत्रियों की मीटिंग के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव रखा। जिसमें ग्लोबल फर्म ट्रेड को और भी बेहतर तरीके से बैलेंस करने की बात कही गई है। गुरुवार को जेनेवा में एक बैठक के दौरान, भारत ने कुछ दस्तावेज प्रस्तुत किए और कहा कि वर्तमान में डब्लूटीओ एग्रीमेंट में बहुत सारी असमानताएं हैं। विकसित देशों को अपना सहयोग देना चाहिए और घरेलू बाजार में सब्सिडी कम करने पर विचार करना चाहिए। 
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सूत्रों के मुताबिक भारत और चीन के इस प्रस्ताव से डब्लूटीओ में मौजूद असमानता कम होगी। भारत-चीन प्रस्ताव का इंडोनेशिया, बोलीविया, फिलीपींस, तुर्की और युगाण्डा ने समर्थन किया है, जिसका मतलब है कि प्रस्ताव के बाद कृषि उत्पादों में मौजूद असमानता में कमी आएगी। 

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