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हांगकांग : चीन से आजादी मांगने वाली पार्टी पर रोक, पहली बार किसी राजनीतिक दल पर लगा प्रतिबंध
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 24 Sep 2018 07:22 PM IST
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चीन से आजादी की मांग करने वाली एक राजनीतिक पार्टी को चीनी एजेंडे की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बताकर हांगकांग में प्रतिबंधित कर दिया गया है। 1997 में ब्रिटेन के चीन को हांगकांग सौंपने के बाद से यह पहला मौका है जब किसी राजनीतिक दल पर वहां रोक लगाई गई है। दरअसल, चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सबसे शक्तिशाली नेता बनकर उभरने के बाद देश में राजनीतिक असहमति के लिए जगह सिमटती जा रही है।
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अर्ध स्वायत्तशासी हांगकांग में अभिव्यक्ति की आजादी समेत कई ऐसी स्वतंत्रता हैं जो चीन में दिखाई नहीं देती हैं। हांगकांग के सुरक्षा मंत्री जॉन ली ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय और सार्वजनिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था तथा लोगों के अधिकार व आजादी के हितों को ध्यान में रखते हुए हांगकांग नेशनल पार्टी (एचकेएनपी) पर प्रतिबंध लगाने का पुलिस का आग्रह मान लिया है।
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एचकेएनपी हांगकांग का एक जाना माना लेकिन छोटा सा राजनीतिक दल है जिसकी कोर सदस्यता महज दर्जन भर लोगों के पास ही है। ली ने कहा कि पार्टी का एजेंडा हांगकांग को एक अलग देश बनाना है, जो हांगकांग के संविधान से जुड़े मूल कानून का उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि एचकेएनपी ने स्कूल, कॉलेज में घुसपैठ कर चीन के खिलाफ घृणा फैलाने की कोशिश की है। एचकेएनपी के नेता एंडी चेन ने इस प्रतिबंध पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। पार्टी पर पुलिस ने जुलाई में प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।
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आजादी पर प्रहार : मानवाधिकार
ह्यूमन राइट्स वॉच ने चीन सरकार द्वारा लगाए गए इस प्रतिबंध को हांगकांग में आजादी पर चीन और हांगकांग सरकार का मिला जुला प्रहार बताया है। अधिकार समूहों के मुताबिक चीन लगातार संप्रभुता को चुनौती देने वाली किसी भी ताकत पर दबाव बनाता जा रहा है।