गांबिया के राष्ट्रपति ने देश को ‘इस्लामिक राष्ट्र’ घोषित किया
गांबिया के राष्ट्रपति याह्या जम्मेह ने अपने देश को ‘इस्लामिक राष्ट्र’ घोषित कर दिया है। उन्होंने इस कदम को देश से औपनिवेशिक काल को हटाने की कोशिश बताया है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम अफ्रीकी देश गांबिया में अल्पसंख्यक ईसाइयों के अधिकारों का सम्मान किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को तटीय शहर ब्रुफुट में समर्थकों को संबोधित करने के दौरान याह्या जम्मेह ने इसकी घोषणा की। हालांकि उनकी इस टिप्पणी को सरकारी टेलीविजन की ओर से बाद में प्रसारित किया गया और गांबिया के राष्ट्रपति की वेबसाइट में दोहराया गया।
करीब 20 लाख की आबादी वाले गांबिया में 90 फीसदी लोग मुस्लिम हैं। वहीं, विपक्ष ने याह्या के इस कदम को असंवैधानिक बताया है।
विस्तार से नहीं बताई वजह
राष्ट्रपति के हवाले से वेबसाइट में कहा गया, ‘गांबिया का भाग्य
सर्वशक्तिमान अल्ला के हाथों में है। बृहस्पतिवार से गांबिया इस्लामिक
राष्ट्र है। हम इस्लामिक राष्ट्र होंगे, जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा
करेगा।’ हालांकि गांबिया के राष्ट्रपति ने देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाने
की वजह के बारे में विस्तार से नहीं बताया है।'
लेकिन याह्या ने ईसाईयों और
अन्य धर्मों में आस्था रखने वाले अपने समर्थकों को दोबारा से आश्वासन दिया
है कि वे लोग स्वतंत्र रूप से देश में अपने धर्म के अनुसार ईश्वर की आराधना
कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि ईसाईयों के अधिकारों का सम्मान किया जाएगा। वे
क्रिसमस का उत्सव लगातार मना सकेंगे। कोई भी दूसरे के जीवन जीने के तरीके
पर हस्तक्षेप नहीं करेगा।