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हाथी के बच्चे के साथ उड़ाया जहाज़

Fri, 05 Sep 2014 12:14 PM IST
Updated Fri, 05 Sep 2014 12:14 PM IST
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fyling eroplane with baby elephant.
उत्तरी अफ्रीका के देश चाड में हाथियों के झुंड को मारा गया। इसमें जिदा बच गए हाथी के नौ महीने के बच्चे को इलाज के लिए पायलट और नर्स गैरी रॉबर्ट्स अपने 4 सीटों वाले जहाज में अपने साथ ले गए।
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350 पाउंड के हाथी के साथ यात्रा करना गैरी के लिए यादगार अनुभव रहा। कीनिया में पैदा हुए गैरी रॉबर्ट्स फ़िलहाल चाड में रहते हैं। वह पायलट हैं और नर्स भी। पिछले साल मार्च में उत्तरी चाड में एक राष्ट्रीय पार्क के निदेशकों ने गैरी फोन करके कहा कि हाथियों के मारे जाने की खबरें आ रही हैं।
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गैरी ने बीबीसी को बताया, ''उन्होंने मुझसे कहा कि क्या मैं जहाज उड़ाकर वहां जाकर वास्तविकता का पता लगा सकता हूं। मैंने जो देखा वह बेहद दुखद था। चारों तरफ खून बिखरा था। हाथियों की हड्डियां पड़ी थीं। उन्हें हथियारों का इस्तेमाल करके मारा गया था''।
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गैरी बताते हैं- इस सर्वे के कुछ दिन बाद चाड के वन्य जीव निदेशक ने मुझे फोन करके कहा कि हाथियों की हत्या वाले स्थान से ये ख़बरें आ रही हैं कि वहां एक हाथी जिंदा बच गया है।

हालांकि वह कहां है इसका पता लगाना मुश्किल हो रहा था क्योंकि वो जंगल से किसी गांव की ओर निकल गया था, उसका पता लगाने में चार पांच दिन लग गए।

जंगल से जहाज

fyling eroplane with baby elephant.

गैरी कहते हैं, ''जब मुझे वो मिला तो बहुत गुस्से में था क्योंकि वो चार दिन से एक पेड़ से बंधा हुआ था। बच्चे उसे परेशान कर रहे थे। मैं उसकी तरफ बढ़ा तो उसने मुझे काटने की कोशिश की और सूंड उठाकर मारना चाहा। करीब 30 मिनट की मेहनत के बाद हम उसे कुछ खिला सके और उसने मुझे स्वीकार कर लिया''।

चुनौती थी इस हाथी के बच्चे को अपने जहाज में उड़ा कर ले जाना। जहाज छोटा था 4 सीट वाला और हाथी का वजन 350 पाउंड। गैरी कहते हैं, ''जो खबरें आई थीं उनमें कहा गया था कि हाथी बहुत छोटा है लेकिन यहां ये बच्चा 9 महीने का था। सो थोड़ी चिंता थी।

हम उसे दूध की बोतल का लालच देकर जहाज तक ले गए फिर उठाकर जहाज के अंदर रख दिया। वह बहुत ही मुश्किल से अंदर समा पाया। वो लगभग पूरे जहाज में भर गया था''।


यात्रा

fyling eroplane with baby elephant.

नन्हे हाथी ने प्लेन के अंदर गैरी के जहाज के कंट्रोल बोर्ड के साथ छेड़छाड़ की, गैरी बताते हैं ''उसे कंट्रोल में काफी दिलचस्पी थी। वो अपनी सूंड से मेरे हाथ छू रहा था। बटनों से छेड़छाड़ कर रहा था। मेरा मुंह भी छू रहा था। एक हाथी के साथ जहाज उड़ाने का यह अनोखा अनुभव था''।

हालांकि गैरी उसे बचा नहीं सके क्योंकि वो हादसे के आठ दिन बाद मिला था और काफी कमजोर था। गैरी ने बताया, ''वह अपनी मां से दूर था। गले में पड़ी रस्सी से उसे संक्रमण हो गया था।

गांव वालों ने उसे गाय का दूध पिलाया लेकिन यह हाथी के बच्चे के लिए हानिकारक होता है। अपने परिवारवालों की हत्या की पीड़ा और इन परेशानियों के चलते उसका बचना मुमकिन नहीं हो पाया''।

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