फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   five big chalenges of afganistan.

अशरफ गनी के सामने हैं पांच बड़ी चुनौतियां

Tue, 30 Sep 2014 08:04 AM IST
दाऊद कारीजादाह/बीबीसी, अफगानिस्तान
दाऊद कारीजादाह/बीबीसी, अफगानिस्तान Updated Tue, 30 Sep 2014 08:04 AM IST
विज्ञापन
five big chalenges of afganistan.

अशरफ गनी ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ले ली है। राष्ट्रपति चुनावों के दौरान धांधली के आरोपों के कारण उठे विवाद के छह महीने बाद आखिरकार अशरफ गनी और अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह के बीच सहमति बन गई।

विज्ञापन


अमरीका की मध्यस्थता में हुए समझौते के अनुसार अशरफ गनी राष्ट्रपति बन गए जबकि अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह प्रधानमंत्री के बराबर अधिकार रखने वाले एक कार्यकारी अधिकारी को नामांकित करेंगे।
विज्ञापन


अशरफ गनी के सामने पांच बडी चुनौतियां इस प्रकार हैं।

1- गठबंधन बरकरार रखना
अशरफ गनी और अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह ने इस समझौते को ईमानदारी के साथ लागू करने का ऐलान किया है। लेकिन अब्दु्ल्लाह अब्दुल्लाह के कई प्रमुख सहयोगियों ने कहा है कि कई मामलों में गहरे मतभेद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसलिए राष्ट्रपति गनी के लिए सबसे बडी चुनौती इस गठबंधन को बरकरार रखना है।

2- अफगानिस्तान को दोबारा पटरी पर लाना

five big chalenges of afganistan.
2- अफगानिस्तान को दोबारा पटरी पर लाना
छह महीनों से चले आ रहे गतिरोध के कारण अफगानिस्तान का पूरा कामकाज ठप पडा हुआ था।

विश्व बैंक के अर्थशास्त्री होने के नाते राष्ट्रपति गनी आर्थिक हालात सुधारने की क्षमता तो रखते हैं लेकिन इस राह में सबसे बडी रूकावट व्यापक भ्रष्टाचार है।

3- लोगों की सुरक्षा
अफगानिस्तान में मौजूद अंतरराष्ट्रीय सेना इस साल के अंत तक वापस लौट जाएगी। अगले साल से अफगान सेना को तालिबान का सामना करना होगा।

अब तक आधुनिक हथियारों से लैस लगभग डेढ लाख नेटो सेना तालिबान से लड़ रही थी।

लेकिन अब लगभग साढे तीन लाख अफगान सेना के लिए तालिबान का सामना करना उतना आसान नहीं होगा क्योंकि उनके पास न ही आधुनिक हथियार हैं और न ही कोई खास प्रशिक्षण।

गनी के लिए आम नागरिकों को सुरक्षा देना मुश्किल काम होगा।

4- तालिबान से शांति वार्ता

five big chalenges of afganistan.

कई अफगान विश्लेषकों का मानना है कि अशरफ गनी के लिए तालिबान से शांति वार्ता में सफलता हासिल करना आसान नहीं है।

तालिबान तो अशरफ गनी और अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह दोनों को ही 'अमरीकी कठपुतली' मानते हैं। इसके अलावा तालिबान लडाई जारी रखने के ज्यादा इच्छुक नजर आते हैं।

5- राष्ट्रपति गनी की पत्नी

राष्ट्रपति गनी के लिए ये फैसला करना भी बहुत मुश्किल है कि उनकी पत्नी का पूरे प्रशासन में क्या रोल होगा। उनकी पत्नी रूला लेबनान मूल की अमरीकी नागरिक हैं।

अफगानिस्तान में राष्ट्रपति की पत्नी सार्वजनिक रूप से सक्रिय नहीं रहीं हैं। लेकिन राष्ट्रपति गनी की पत्नी अपने पति के चुनाव अभियान के दौरान कई बार लोगों के बीच में देखी गईं थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed