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हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की भाषा बनवाने की जिम्मेदारी हमारी : विदेश मंत्री 

Sat, 18 Aug 2018 10:18 PM IST
पोर्ट लुइस से विशेष प्रतिनिध
पोर्ट लुइस से विशेष प्रतिनिध Updated Sat, 18 Aug 2018 10:18 PM IST
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External Affairs Minister Sushma Swaraj announced Hindi lovers at World Hindi Conference

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा बनवाने के लिए दुनिया भर के हिंदी प्रेमियों का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि जो तकनीकी दिक्कत है उसे दूर करने का प्रयास सरकार की ओर से किया जा रहा है। लेकिन, हिंदी प्रेमियों को खुद भी प्रयास करने होंगे। वह यहां शनिवार को 11 वें विश्व हिंदी सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत कर रही थीं।

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 उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अब हिंदी में साप्ताहिक बुलेटिन प्रसारित करने लगा है। विश्व संस्था दो साल तक देखेगी कि इसके  कितने श्रोता बनते हैं। अगर श्रोता बढ़ते गए तो ये हिंदी बुलेटिन दैनिक हो जाएगा। इसी तरह संयुक्त राष्ट्र ने हिंदी में ट्विटर अकाउंट बनाया है। इसका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हिंदी प्रेमियों को करना चाहिए। हिंदी भाषी ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दें और विश्व संस्था को इसी पर सुझाव दें। इससे उन्हें हिंदी की ताकत का अहसास होना चाहिए।
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तुलसीदास से नीरज तक को ऐसे दिया सम्मान
विश्व हिंदी सम्मेलन में भारत और मॉरिशस के सभी बड़े हिंदी सेवियों को अनोखे तरीके से सम्मान दिया गया है। जहां सम्मेलन हो रहा है, उस स्थान को तुलसीदास नगर नाम दिया गया है। मुख्य हॉल का नामकरण भारत के बाहर बड़े हिंदी सेवी माने जाने वाले अभिमन्यु अनत के नाम पर किया गया। 
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विचार मंथन आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी हाल में होगा। गोपाल दास नीरज और मणिलाल डॉक्टर के नाम पर भी स्थानों का नामकरण किया गया है। प्रदर्शनी स्थल को रायकृष्ण दास का नाम दिया गया है। कोशिश की गई है कि हिंदी के हर बड़े नाम को सम्मान मिल सके। 


जगन्नाथ ने की मोदी के हिंदी प्रेम की प्रशंसा
मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रवीण कुमार जगन्नाथ ने अपने उद्घाटन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिंदी प्रेम की खासतौर पर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिंदी में भाषण देकर मोदी ने बता दिया कि वह अपनी भाषा को कितना सम्मान देते हैं। उन्होंने और सुषमा स्वराज ने अपने संबोधन में स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के संयुक्त राष्ट्र सभा में हिंदी में दिए गए भाषण की भी याद दिलाई। 

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