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ट्रंप-किम की मुलाकात को कवर करेंगे दुनिया भर के 2500 पत्रकार, भारतीयों का अहम रोल

Mon, 11 Jun 2018 04:35 PM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, सिंगापुर
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, सिंगापुर Updated Mon, 11 Jun 2018 04:35 PM IST
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Donald Trump-Kim Jong meeting will cover 2500 journalists around the world

ट्रंप-किम के बीच मंगलवार को होने वाली शिखर वार्ता के लिए आकाश से पाताल तक इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। देश के सेंटोसा आइलैंड नामक जिस इलाके में इस मुलाकात की संभावना है उसे मिनी इंडिया भी कहा जाता है जहां भारतीयों के आवास और सैकड़ों दुकानें हैं। वार्ता के चलते आइलैंड के सभी रेस्त्रां-दुकानें बंद कर दी गई हैं। इस व्यवस्था का संबंध भारत-नेपाल से भी है क्योंकि नेताओं की सुरक्षा में गोरखा जवान तैनात हैं। परंपरा के मुताबिक इनकी खुकरी म्यान से बाहर निकलती है तो खून पीकर ही वापस जाती है।

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मुलाकात को लेकर दोनों नेता सिंगापुर पहुंच चुके हैं जिनके चलते चप्पे-चप्पे पर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था है। यहां उत्तर कोरियाई नेता ट्रंप के साथ पूर्णत: शांति स्थापित करने के तरीके पर बात करेंगे तो अमेरिकी राष्ट्रपति किम-जोंग को निरस्त्रीकरण व दक्षिण कोरिया और जापान के साथ तनाव खत्म करने पर चर्चा करेंगे। शिखर वार्ता को लेकर की गई सुरक्षा व्यवस्था से यहां रह रहे भारतीय सर्वाधिक प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि यहां दो किलोमीटर के दायरे में 300 से अधिक भारतीय रेस्त्रां हैं और सैकड़ों दुकानें हैं जो बंद हैं। देश की 55 लाख की आबादी में भारतीय सात फीसदी हैं। 
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यहां का तीसरा बड़ा समुदाय तमिलों का है, जबकि भारतीय मूल के तेलुगु और पंजाबी भी मिनी इंडिया की बड़ी पहचान हैं। ट्रंप-किम वार्ता में सुरक्षा व्यवस्था का गोरखा कनेक्शन भी इसका भारत और नेपाल से रिश्ता जोड़ता है। बता दें कि भारत में गोरखा रेजिमेंट है और गोरखा लोग नेपाल के मूल निवासी हैं। सिंगापुर में भूरे रंग की टोपी में तैनात गोरखा टुकड़ी बैठक स्थल समेत सड़कों और होटलों की सुरक्षा देख रही है। गोरखा जवानों को सिंगापुर में खास मौकों पर जिम्मेदारी सौंपी जाती है। हालांकि ट्रंप और किम के निजी सुरक्षाकर्मी भी यहां तैनात रहेंगे। 

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