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कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता विकास गौड़ा ने एथलेटिक्स की दुनिया को कहा अलविदा

Thu, 31 May 2018 01:56 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 31 May 2018 01:56 PM IST
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Commonwealth Games gold medallist discus thrower Vikas Gowda retires
विकास गौड़ा

देश के दिग्गज डिस्कस थ्रोअर विकास गौड़ा ने बुधवार को एथलेटिक्स की दुनिया से सन्यास लेने की घोषणा कर दी है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता विकास पिछले 15 सालों से देश में डिस्कस थ्रो में अपना लोहा मनवाए हुए थे। सन्यास लेने के वक्त भी 66.28 मीटर का राष्ट्रीय कीर्तिमान अभी भी उनके नाम है। 

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देश के दिग्गज डिस्कस थ्रोअर विकास गौड़ा ने बुधवार को एथलेटिक्स की दुनिया से सन्यास लेने की घोषणा कर दी है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता विकास पिछले 15 सालों से देश में डिस्कस थ्रो में अपना लोहा मनवाए हुए थे। सन्यास लेने के वक्त भी 66.28 मीटर का राष्ट्रीय कीर्तिमान अभी भी उनके नाम है। 
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विकास ने बुधवार को एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया को सूचना दी कि उन्होंने सन्यास लेने का फैसला लिया है। जिसकी घोषणा फेडरेशन ने ट्वीटर पर कर दी। हालांकि विकास पिछले काफी समय से चोटों से जूझ रहे थे। बीते वर्ष भुवनेश्वर एशियाई चैंपियनशिप के बाद से उन्होंने किसी भी कंपटीशन में हिस्सा नहीं लिया। हालांकि गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों के लिए उन्होंने ट्रायल में उतरने से छूट मांगी थी, लेकिन फेडरेशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें इसकी छूट नहीं दी। 

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Commonwealth Games gold medallist discus thrower Vikas Gowda retires
विकास गौड़ा

विकास का कहना था कि वह अमेरिका में ही क्वालीफाइंग मार्क हासिल कर लेंगे, लेकिन फेडरेशन ने कहा कि उन्हें ट्रायल में खेलना ही पड़ेगा। नतीजा यह निकला कि विकास ट्रायल में खेलने के लिए नहीं आए और उन्हें गोल्ड कोस्ट के लिए टीम में नहीं चुना गया। जकार्ता एशियाई खेलों के लिए भी फेडरेशन ने साफ कर दिया था कि नीरज चोपड़ा को छोड़ सभी एथलीटों को हर हाल में ट्रायल में खेलना होगा। इस घोषणा के बाद ही विकास ने सन्यास की घोषणा की है। 

2010 के राष्ट्रमंडल और 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में रजत जीतने वाले विकास के पिता शिवा गौड़ा उनके कोच रहे। वह छह साल की उम्र में पिता के साथ मैरीलैंड (अमेरिका) चले गए। विकास ने चार ओलंपिक भारत के लिए खेले। लंदन ओलंपिक में उन्होंने फाइनल में भी जगह बनाई।

बता दें कि 15 साल के करियर में विकास अपने नाम एक से बढ़कर एक रिकॉर्ड दर्ज किए। 
नेशनल रिकॉर्ड होल्डर-66.28
चार बार ओलंपिक में शिरकत (2004, 2008, 2012 और 2016)
गोल्ड मेडल-कॉमनवेल्थ गेम्स 2014
गोल्ड मेडल-एशियन चैंपियनशिप 2013 और 2015
सिल्वर मेडल-एशियन चैंपियनशिप 2011
सिल्वर मेडल-कॉमनवेल्थ गेम्स 2010
सिल्वर मेडल- एशियन गेम्स 2014
ब्रॉन्ज मेडल-एशियम गेम्स 2010
ब्रॉन्ज मेडल-एशियन चैंपियनशिप 2005 और 2017

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