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ग़ुलामों की तरह जीवन जीने को मजबूर
Updated Sat, 29 Nov 2014 06:45 PM IST
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ब्रिटेन के गृह मंत्रालय का कहना है कि देश में ऐसे लोगों की संख्या 10 हज़ार से 13 हज़ार के बीच हो सकती है जो ग़ुलामों की तरह जीवन बिता रहे हैं।
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इनमें वैश्यावृत्ति में धकेल दी गई लड़कियां, घरों, खेतों, फैक्ट्रियों और मछली पकड़ने वाली नावों में काम कर रहे बंधुआ मजदूर शामिल हैं। सरकार ने पहली बार वर्ष 2013 का यह अनुमानित आंकड़ा जारी किया है।
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रणनीति तैयार
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय का कहना है कि ग़ुलामों की तरह जीवन बिता रहे इन लोगों को मुक्त कराने में मदद के लिए एक रणनीति पर काम शुरू किया गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में 100 से अधिक देशों से मानव तस्करी होती है।
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रिपोर्ट के मुताबिक़, ब्रिटेन में मानव तस्करी 100 से अधिक देशों से होती है। इनमें सबसे ज़्यादा मानव तस्करी अल्बानिया, नाइजीरिया, वियतनाम, रोमानिया से होती है। नेशनल क्राइम एजेंसी के मानव तस्करी केंद्र के पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक ब्रिटेन में ग़ुलामों की तरह जीवन बसर करने वालों की संख्या 2,744 थी। लेकिन इस बार ये संख्या काफी बढ़ गई है। गृह मंत्रालय के अनुसार ये आंकड़े एक ख़ास तरह की सैंपलिंग से जुटाए गए हैं।