विमान हादसे को लेकर रूस पर दबाव बढ़ा
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नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रूट ने कहा है कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से टेलीफोन पर लंबी बातचीत की है और कहा है कि उनके पास ये साबित करने का आखिरी मौका है कि वो विमान दुर्घटना की जांच की मदद के मामले में गंभीर हैं।
जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल शनिवार को ही पुतिन से बात की थी।
ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के दफ्तर से जारी बयान में कहा गया है कि वो और उनके समकक्ष ऑस्ट्रेलिया के टोनी एब्बट के बीच तय हुआ है कि वो संयुक्त राष्ट्र में इस बात को लेकर दबाव बनाएंगे कि दुर्घटना स्थल पर जा रही टीम की राहें आसान हो सकें।
अंतरराष्ट्रीय जांच टीम ने शिकायत की थी कि उन्हें दुर्घटनास्थल तक नहीं पहुचने दिया जा रहा है। गुरूवार को मलेशिया एयरलाइंस का एक विमान पूर्वी यूक्रेन में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और इसमें सवार सभी 298 लोगों की मौत हो गई थी।
मिसाइल का हमले की जांच
अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि सबूत इस तरफ इशारा कर रहे हैं कि विमान पर मिसाइल दागे गए थे और ये उस क्षेत्र से आए थे जो रूस समर्थित विद्रोहियों के कब्जे में है।
रूस ने आरोप लगाया है कि पश्चिमी देश ने उसके खिलाफ मीडिया में लडाई छेड दी है। उसने कहा है कि इस मामले में यूक्रेन के रोल की भी जांच होनी चाहिए।
बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि मृतकों के शवों को इधर -उधर ले जाया जा रहा है और घटनास्थल को ठीक ढंग से सुरक्षित नहीं किया गया है।
एक संवाददाता ने बताया कि उन्होंने पहले कुछ शवों को स्ट्रेचर पर प्लास्टिक बैग में ले जाते देखा जो काम सरकारी कर्मचारियों जैसे लोग कर रहे थे। लेकिन बाद में कुछ स्थानीय लोग शवों को रोड के किनारे रखने लगे।
संवाददाताओं का ये भी कहना है कि रूस समर्थक अलगाववादी हादसे की जिम्मेदार को नकार रहे हैं।