ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय इस वक्त बामीर हैं। इसी वजह से बकिंघम पैलेस ने बीते हफ्ते उनकी सारी मीटिंग कैंसल कर दी हैं। बार बार बीमार होने के कारण उन्होंने बीते हफ्ते सेंट पॉल कैथेड्रल में होने वाले सेवा समारोह में भी हिस्सा नहीं लिया। इसी बीच एक स्थानीय अखबार से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। खबर के मुताबिक महारानी अभी बीमार ही हुई हैं लेकिन सरकार के कुछ मंत्रियों ने उनके निधन के बाद होने वाली शोकसभा की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। यह काम मंत्रियों द्वारा गोपनीय तरीके से किया जा रहा है।
अखबार ने बताया रिहर्सल का नाम
अखबार ने इस बात का दावा किया है कि इस अभ्यास का नाम कैसल डव है। जिसमें कैबिनेट के मंत्री और अधिकारी मौजूद थे। बताया जा रहा है ब्रिटेन में ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी राजपरिवार के सदस्य की मौत से पहले ही उसकी शोक सभा के लिए अभ्यास किया जा रहा हो। बताया तो ये भी जा रहा है कि यदि महारानी का निधन हो जाता है तो वह घटना ब्रिटेन के इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में गिनी जाएगी।
पहली बार 2013 में हुईं थी अस्पताल में भर्ती
92 साल की महारानी पहली बार साल 2013 में अस्पताल में भर्ती हुईं थी। उस वक्त वह 86 साल की थीं। उनकी तबीयत की बात पता चलते ही ब्रिटेन में दुआओं का दौर शुरू हो गया था। डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें गैस्ट्रोएंटेरिटीस नामक बीमारी हुई थी। जिसके लिए उन्हें किंग एडवर्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उनका खास ध्यान रखा जिसके बाद उनकी स्थिति में जल्द ही सुधार हो गया।
महारानी की मौत के बाद सरकार उठाएगी ये बड़े कदम
इससे पहले बीते साल गार्जियन अखबार ने महारानी के निधन के बाद सरकार और राजमहल द्वारा उठाए जाने वाले कदमों की पूरी जानकारी दी थी। अखबार द्वारा दी गई जानकारी में बताया था कि महारानी की मौत के बाद देश को बहुत बड़े नुकसान से गुजरना पड़ेगा। उनके निधन के बाद जीडीपी को 50 हजार करोड़ से भी अधिक का नुकसान होगा।
12 दिन तक मनेगा शोक
रिपोर्ट के अनुसार महारानी के निधन के बाद देश में 12 दिनों तक शोक मनाया जाएगा। काउंसिल में राजगद्दी के अगले वारिस की चर्चा होगी। बकिंघम पैलेस के दरवाजे पर सूचना लगाई जाएगी, जिसमें बताया जाएगा कि महारानी का निधन हुआ है। इसके अलावा इसकी सूचना दुनियाभर की मीडियो को भी दी जाएगी।