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नेपाल के 10 जिलों में हिंदी फिल्में बैन
काठमांडू/एजेंसी
Updated Wed, 26 Sep 2012 11:47 PM IST
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हाल ही में सत्तारूढ़ माओवादी पार्टी से अलग हुए मोहन बैद्य गुट ने दस जिलों हिंदी फिल्मों के प्रदर्शन और वहां भारतीय वाहन चलाने पर पाबंदी लगाते हुए चेतावनी दी है कि इन प्रतिबंधों को तोड़ने वाले परिणाम भुगतने को तैयार रहें। सत्तारूढ़ माओवादी (यूसीपीएन-माओवादी) पार्टी से अलग होकर बैद्य ने कुछ महीनों पहले सीपीएन-माओवादी पार्टी बनाई है।
कट्टरपंथी बैद्य का रवैया भारत विरोधी रहा है। पार्टी ने यह प्रतिबंध ‘तामसालिंग एथनिक स्टेट कमेटी’ के अंतर्गत आने वाले जिलों में लगाया है। इसमें चितवन, मकवानपुर, और कावरे जिले भी शामिल हैं। पार्टी ने इन पाबंदियों को राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए उठाया गया कदम करार दिया है। सीपीएन-माओवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता देव गुरुंग ने कहा है कि हिंदी फिल्मों और गानों पर पाबंदी नेपाली फिल्मों व गानों को बढ़ावा देने के मकसद से लगाई गई है।
उन्होंने कहा कि भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों पर प्रतिबंध इस लिए लगाया गया है क्योंकि इस तरह के वाहनों पर भारत से खाद्य पदार्थ लाए जाते हैं, जिससे देश के बाजार और उत्पादों को नुकसान होता है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि उसके द्वारा लगाए गए इन प्रतिबंधों तो उल्लंघन करने वालों को परिणाम भुगतना होगा। हिंसक और कट्टरपंथी सीपीएन-माओवादी पार्टी का असर चितवन और मकवानपुर में दिखाई दे रहा है, यहां हिंदी गानों का प्रसारण बंद कर दिया गया है।
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वहीं प्रसारकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीपीएन-माओवादी पार्टी की चितवन कमेटी से मुलाकात कर यह प्रतिबंध हटाने की अपील की है। हाल ही में चीन की यात्रा करने वाले सीपीएन-माओवादी पार्टी के प्रमुख बैद्य का भारत के प्रति कट्टरपंथी रवैया बरकरार है। कुछ दिनों पहले ही इस पार्टी ने भटट्टराई सरकार को एक मांगपत्र सौंपकर भारत के साथ कई समझौते तोड़ने की मांग की थी। फिलहाल इन प्रतिबंधों पर सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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कट्टरपंथी बैद्य का रवैया भारत विरोधी रहा है। पार्टी ने यह प्रतिबंध ‘तामसालिंग एथनिक स्टेट कमेटी’ के अंतर्गत आने वाले जिलों में लगाया है। इसमें चितवन, मकवानपुर, और कावरे जिले भी शामिल हैं। पार्टी ने इन पाबंदियों को राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए उठाया गया कदम करार दिया है। सीपीएन-माओवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता देव गुरुंग ने कहा है कि हिंदी फिल्मों और गानों पर पाबंदी नेपाली फिल्मों व गानों को बढ़ावा देने के मकसद से लगाई गई है।
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उन्होंने कहा कि भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों पर प्रतिबंध इस लिए लगाया गया है क्योंकि इस तरह के वाहनों पर भारत से खाद्य पदार्थ लाए जाते हैं, जिससे देश के बाजार और उत्पादों को नुकसान होता है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि उसके द्वारा लगाए गए इन प्रतिबंधों तो उल्लंघन करने वालों को परिणाम भुगतना होगा। हिंसक और कट्टरपंथी सीपीएन-माओवादी पार्टी का असर चितवन और मकवानपुर में दिखाई दे रहा है, यहां हिंदी गानों का प्रसारण बंद कर दिया गया है।
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वहीं प्रसारकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीपीएन-माओवादी पार्टी की चितवन कमेटी से मुलाकात कर यह प्रतिबंध हटाने की अपील की है। हाल ही में चीन की यात्रा करने वाले सीपीएन-माओवादी पार्टी के प्रमुख बैद्य का भारत के प्रति कट्टरपंथी रवैया बरकरार है। कुछ दिनों पहले ही इस पार्टी ने भटट्टराई सरकार को एक मांगपत्र सौंपकर भारत के साथ कई समझौते तोड़ने की मांग की थी। फिलहाल इन प्रतिबंधों पर सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।