{"_id":"5abb6f0c4f1c1be73f8b5569","slug":"an-aung-san-suu-kyi-loyalist-has-been-elected-as-myanmar-s-new-president","type":"story","status":"publish","title_hn":"म्यामांर में और ताकतवर हुईं सू ची, करीबी विन मिंत बने राष्ट्रपति","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
म्यामांर में और ताकतवर हुईं सू ची, करीबी विन मिंत बने राष्ट्रपति
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 28 Mar 2018 04:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
म्यामांर के नए राष्ट्रपति विन मिंत ने कार्यभार संभाल लिया है। पूर्व राष्ट्रपति हूतिन चॉ ने एका-एक पद छोड़ दिया था जिसके बाद म्यामांर में अगले राष्ट्रपति के लिए राय बनने लगी। ऐसे में म्यामांर की संसद ने बुधवार को आंग सान सू ची के करीबी सहयोगी विन मिंत के नाम पर आम सहमति बनाई। बता दें कि 66 साल के मिंत की देश के शीर्ष स्तरीय नीति-निर्धारण की प्रक्रिया पर मजबूत पकड़ बरकरार है।
विज्ञापन
सू ची के समर्थन के साथ मिंत को संसद में संयुक्त रूप से 403 वोट मिले। संसद के अध्यक्ष मान विन खाइंग थान ने इसका आधिकारिक ऐलान करते हुए कहा, ‘मैं घोषणा करता हूं कि बहुमत पाने वाले विन मिंत को देश का राष्ट्रपति निर्वाचित किया जाता है।’
विज्ञापन
क्योंकि सू ची ने एक विदेशी से शादी की है और उनके दोनों बेटे ब्रिटेन के नागरिक हैं। 2008 में सेना द्वारा तैयार किए गए संविधान के तहत सू ची पर राष्ट्रपति पद के निर्वाचन के लिए रोक लगी है। सू ची 2015 में अपनी पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद से स्टेट काउंसलर हैं और घोषणा कर चुकी हैं कि वे राष्ट्रपति से ऊपर रहते हुए काम करेंगी।
विज्ञापन
बता दें कि सू ची जिस पद पर हैं वो कोई आधिकारिक संवैधानिक भूमिका नहीं है। इसलिए सू ची के लिए यह जरूरी है कि वो अप्रत्यक्ष रूप से शासन करें। राज्य सलाहकार का पद विशेष रूप से सू ची के लिए बनाया गया है। बता दें कि संविधान के तहत, सेना के पास देश के प्रशासन में विशेषाधिकार हैं। सेना का मंत्रिमंडल में संसदीय सीटों का 25% हिस्सा और तीन सुरक्षा विभाग शामिल हैं।