{"_id":"5912a0a44f1c1b0a138522e9","slug":"almost-10-000-yazidis-killed-or-kidnapped-in-isis-genocide-says-study","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ISIS ने दस हजार यहूदियों को बनाया अपना शिकार, 3100 को तड़पा कर मारा","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
ISIS ने दस हजार यहूदियों को बनाया अपना शिकार, 3100 को तड़पा कर मारा
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Wed, 10 May 2017 11:01 AM IST
विज्ञापन
d
- फोटो : Demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुनिया से सबसे खतरनाक और बेरहम आतंकी संगठन ISIS के हमलों में करीब 10,000 यहूदियों की मौत हुई या फिर उन्हें अगवा कर लिया गया। एक शोध में छपी इस रिपोर्ट के अनुसार ISIS ने अपने नरसंहार हमलों में बर्बरता की सारी हदें पार कर चुका है। हालांकि, इस स्टडी में यह भी कहा गया कि इराक में किए कए बीभत्स सफाए में कितने लोगों को मौत हुई होगी, इसका कोई आंकड़ा नहीं है।
PLOS मेडिसिन द्वारा प्रकाशित साप्ताहिक जरनल में बताया गया कि अगस्त, 2014 से इस अल्पसंख्यक समुदाय के 9,900 से ज्यादा लोगों को या तो अगवा कर लिया गया या फिर उन्हें मार दिया गाय। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार करीब 3,100 लोगों को मौत के घाट उतारा गया, जिसमें से आधे से ज्यादा को सिर में गोली मारी गई। इसके अलावा ISIS ने गला रेत कर और जिंदा जला कर भी लोगों को मारा। साथ भूख और प्यास से तड़पा कर मारना भी इस संगठन के ज्यादती भरे तरीकों में शुमार है।
विज्ञापन
PLOS मेडिसिन द्वारा प्रकाशित साप्ताहिक जरनल में बताया गया कि अगस्त, 2014 से इस अल्पसंख्यक समुदाय के 9,900 से ज्यादा लोगों को या तो अगवा कर लिया गया या फिर उन्हें मार दिया गाय। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार करीब 3,100 लोगों को मौत के घाट उतारा गया, जिसमें से आधे से ज्यादा को सिर में गोली मारी गई। इसके अलावा ISIS ने गला रेत कर और जिंदा जला कर भी लोगों को मारा। साथ भूख और प्यास से तड़पा कर मारना भी इस संगठन के ज्यादती भरे तरीकों में शुमार है।
विज्ञापन
ISIS
इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जहां एक तरफ ज्यादातर पुरुष लड़ाकों और हमलावरों के साथ संघर्ष में मारे गए। मगर माउंट सिंजार को छोड़कर कर जाने वालों में जिनकी मौत हुई, उनमें सबसे ज्यादा संख्या 15 साल से कम उम्र के लोगों की है। साथ ही इस शोध में बताया गया कि करीब 6,800 यहूदियों को ISIS ने अगवा किया, जिसमें से एक-तिहाई के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
यह शोध अमेरिका, यूके, इस्राइल, इराक के शोधकर्ताओं ने इस स्टडी को अंजाम दिया। इस शोध में साफ हुआ कि ISIS का सबसे खराब प्रभाव बच्चों पर पड़ा रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस आतंकी संगठन को सबसे खतरनाक हमलावरों की सूची में शामिल किया है। यूएन का कहना है कि आईएसआईएस की निर्दयता की कोई माफी नहीं हो सकती।
यह शोध अमेरिका, यूके, इस्राइल, इराक के शोधकर्ताओं ने इस स्टडी को अंजाम दिया। इस शोध में साफ हुआ कि ISIS का सबसे खराब प्रभाव बच्चों पर पड़ा रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस आतंकी संगठन को सबसे खतरनाक हमलावरों की सूची में शामिल किया है। यूएन का कहना है कि आईएसआईएस की निर्दयता की कोई माफी नहीं हो सकती।