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अफगान पुलिस पर यौन शोषण के आरोप

Mon, 25 Feb 2013 06:31 PM IST
Updated Mon, 25 Feb 2013 06:31 PM IST
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afghan police accused of corruption and child abuse

अफगान पुलिस भ्रष्टाचार, अपहरण, नशाखोरी, बच्चों के यौन शोषण और निर्दोष लोगों की हत्या में लिप्त है- बीबीसी के कार्यक्रम पैनोरमा के लिए की गई जांच में इसके सबूत मिले हैं।

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अफगानिस्तान के हेलमंड प्रांत के सांगिन जिले में ये तहकीकात की गई। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (इसाफ) अगले साल तक धीरे-धीरे अफगानिस्तान से हट जाएगा।
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सांगिन जिले में सत्ता का हस्तांतरण इसी साल मार्च तक हो जाएगा। सांगिन में अब भी पुलिस स्वतंत्र रूप से काम कर रही है।

मजबूर सलाहकार दल
अफगान पुलिस को ‘सलाह’ देने के लिए 18 अमरीकी नौसैनिकों का एक दल है। यहां कुल मिलाकर 30 पुलिस थाने हैं।

सहायता दल के मुखिया मेजर स्ट्यूबेर कहते हैं कि हम भ्रष्टाचारी, अपहरणकर्ता, नशाखोर, बच्चों का यौन शोषण करने वाले और हत्यारों के साथ काम कर रहे हैं।

बीबीसी संवाददाता बेन एंडरसन ने इस दल के साथ पांच हफ्ते बिताए। उन्होंने अफगान पुलिस के शर्मनाक आचरण के सबूत इकट्ठे किए।

एक दिन अमेरिकी नौसैनिकों की इस ‘सहायता टुकड़ी’ को अंधाधुंध गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। एक अफगान पुलिसकर्मी बगीचे की ओर अंधाधुंध गोलियां चला रहा था। उसके पास ही लोग रहते थे।
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मेजर स्ट्यूबेर ने उससे कहा कि तुम यूं ही गोलियां नहीं चला सकते। तुम गोलियां चला रहे हो और तुम्हें पता ही नहीं कि तुम किस पर गोलियां चला रहे हो। गोली चलाने से पहले तुम्हें ये पता होना चाहिए। उस सैनिक ने पश्तो में जवाब दिया, “इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, कोई फर्क नहीं पड़ता। आम नागरिक भी तालिबान ही है।”

स्ट्यूबेर ने बताया कि जब हम पहुंचे तो मैंने उसे चिलम पीते हुए देखा था। अब वो हंस रहा था, बच्चों की गोलियों की आवाजें निकाल रहा था और नौसैनिकों पर पिस्तौल की तरह अपनी उंगली तान रहा था।

उसके कुछ साथी तो इतने नशे में थे कि वो सीधे खड़े तक नहीं हो पा रहे थे। स्ट्यूबेर कहते हैं कि अक्सर वो दखल देने की स्थिति में नहीं होते।

चोरी और अपहरण
वो बताते हैं कि पुलिस बल के लिए आने वाले भंडार से हथियार, वाहनों से तेल चुराया जा रहा है।

सिर्फ इतना ही नहीं पुलिसवाले लोगों को पकड़ लेते हैं। उन्हें बांध देते हैं और घेर लेते हैं। इसके बाद इंतजार करते हैं कि परिवार वाले फिरौती देकर उन्हें छुड़ा ले जाएं।

स्ट्यूबेर कहते हैं कि बतौर सलाहकार आप जानते हैं कि आप ऐसे कुत्ते हैं जो भौंक तो बहुत सकते हैं लेकिन काट नहीं सकते।

अगर आप उनकी सारी कारस्तानियां, सारे भ्रष्टाचार को बंद कर दें तो वो पूरी तरह निष्प्रभावी हो जाएंगे। कुछ चीजों को छोड़ देना पड़ता है ताकि वो सुरक्षा कर पाएं। लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें स्ट्यूबेर भी नजरअंदाज नहीं कर सकते।

बाल यौन शोषण
सांगिन में हर पुलिस थाने में आपको नौकर जैसे कुछ कमउम्र लड़के मिल जाएंगे। इन्हें ‘चाय वाला लड़का’ कहा जाता है। स्ट्यूबेर बताते हैं कि इन लड़कों को अक्सर यौन शोषण का शिकार होना पड़ता है।

हाल ही में तीन लड़कों को भागने की कोशिश करने पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एक और लड़के को गोली मारी गई थी। वो अभी घायल है। मेजर स्ट्यूबेर पुलिस हेडक्वॉर्टर जाकर पुलिस उप प्रमुख से मिलते हैं।

वो पूछते हैं कि क्या आपको मालूम है कि कल वहां एक लड़के को गोली मार दी गई। अफगान पुलिस के उप प्रमुख को ये समझ नहीं आता कि इसमें इतना हल्ला मचाने की क्या बात है?

पुलिस उप प्रमुख पश्तो में जवाब देते हैं, “ये लड़के खुद ही थानों में रहना चाहते हैं।” जैसे ये स्वाभाविक हो, वे आगे कहते हैं, “और खुद ही अपने शरीर सौंपना पसंद करते हैं।”


स्ट्यूबेर दबाव डालते हैं, “चलिए हम साथ चलते हैं और इन बच्चों को इस सबसे बाहर निकालकर उनके परिवारों तक पहुंचा देते हैं।” आखिरकार पुलिस उप प्रमुख इसके लिए तैयार हो जाते हैं। लेकिन कुछ ही घंटों बाद वो इस अभियान को रद्द कर देते हैं।

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