विवाहेत्तर संबंध अब अपराध नहीं, कोरियाई कोर्ट का फैसला
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साउथ कोरिया की एक अदालत ने 62 साल पुराने एडल्ट्री कानून को खत्म कर दिया है यानी यहां विवाहेतर संबंधों को कानूनी मान्यता मिल गई है। इसके साथ ही यहां कंडोम के बिक्री में 15 फीसदी का उछाल भी आया है।
संवैधानिक कोर्ट ने इसे निजी स्वतंत्रता करार दिया है। बता दें कि एडल्ट्री कानून के चलते करीब 54 हजार लोग इसमें फंसे रहे। ये आंकड़ा साल 2008 तक का है। जब इस मुद्दे को कानूनी मान्यता दी गई।
नए कानून के चलते अब इन लोगों को राहत मिल गई है। इस केस फंसे लोग और दोषी करार दिए गए लोग, एक बार फिर से इस मुद्दे पर कोर्ट जा सकते हैं। उन्हे इस मुद्दे पर राहत मिल सकती है।
कंडोम की बढ़ी बिक्री
अब तक लागू इस कानून के चलते साउथ कोरिया में 1985 तक करीब 53 हजार लोगों को सजा हुई है। इस कानून के मुताबिक शादीशुदा व्यक्ति अगर अपनी पत्नी से अलग किसी के साथ शारीरिक संबंध बनाता है तो उसे 2 साल के जेल की सजा हो सकती है।
इस कानून के चलते साउथ कोरिया की कंडोम कंपनी यूनिडस कॉर्प के स्टॉक्स बुरी तरह गिर गए। जैसे ही कोर्ट ने इस कानून को हटाया, कंडोम की बिक्री में 15 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है।
एडल्ट्री पर रोक को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। ये विवाद कई दिनों से जारी है। ये मुद्दा 1953 में कानून की शक्ल में आया। हालांकि वर्तमान बदलाव के मद्देनजर इसे चुनौती दी गई। इस पर पक्ष और विपक्ष दोनों में विवाद लगातार जारी रहा।
कोर्ट ने 2009 से 2014 के बीच 17 लोगों को इस कानून में सजा सुनाई। अब इस मुद्दे पर 7 न्यायाधीशों के बीच ये इस कानून पर फैसले का मुद्दा उठा। इसमें से 6 जज इस कानून को हटाने पर समर्थन किया।