{"_id":"5f41e1a88ebc3e3d2038fc92","slug":"researchers-after-studying-tissue-removed-from-patients-nose-found-why-covid-19-patients-lose-sense-of-smell","type":"story","status":"publish","title_hn":"शोध से चला पता, इस कारण कोविड-19 के मरीजों में खत्म हो जाती है सूंघने की क्षमता","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
शोध से चला पता, इस कारण कोविड-19 के मरीजों में खत्म हो जाती है सूंघने की क्षमता
Sun, 23 Aug 2020 09:01 AM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Sneha Baluni
Updated Sun, 23 Aug 2020 09:01 AM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शोधकर्ताओं की एक टीम का सर्जरी के दौरान मरीजों की नाक से निकाले गए ऊतक (टिश्यू) का अध्ययन करने के बाद मानना है कि उन्हें उस कारण का पता चल गया है, जिसकी वजह से कोविड-19 के ज्यादातर मरीज अपनी सूंघने की क्षमता खो देते हैं। बिना लक्षण वाले मरीजों की भी सूंघने की क्षमता चली जाती है।
विज्ञापन
अपने अध्ययन के दौरान उन्हें नाक के अंदर एंजियोटेंसिन-कनवर्टिंग एंजाइम II (एसीई-2) का अत्यधिक उच्च स्तर मिला जो कि सूंघने के लिए जिम्मेदार होता है। इस एंजाइम को प्रवेश बिंदु माना जा रहा है जो कोरोना वायरस को शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश करने और संक्रमण का कारण बनने की अनुमति देता है।
विज्ञापन
शोधकर्ताओं का कहना है कि उनके निष्कर्ष, यूरोपीयन रेस्पिरेटरी जर्नल में प्रकाशित हुए हैं। इसके जरिए पता चल सकता है कि कोविड-19 इतना संक्रामक क्यों है और सुझाव देते हैं कि शरीर के किस संभावित हिस्से को लक्षित करने से अधिक प्रभावी उपचार मिल सकता है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- अमेरिकी दवा कंपनी का दावा, नाक पर मलहम लगाते ही 30 सेकंड में खत्म हो जाएगा कोरोना का वायरस
यह अध्ययन राइनोलॉजी एंड स्कल बेस सर्जरी के विभाग के निदेशक प्रोफेसर एंड्रयू पी लेन और अनुसंधान सहयोगी डॉ. मेंगफेई चेन, और अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन, बाल्टीमोर के सहयोगियों द्वारा किया गया है।
प्रोफेसर लेन ने कहा, ‘मैं नाक और साइनस की समस्याओं का विशेषज्ञ हूं, इसलिए कोविड-19 में सूंघने की क्षमता का चले जाना मेरी रूची का विषय था। जहां अन्य श्वसन वायरस आमतौर पर नाक में सूजन के जरिए वायुप्रवाह में बाधा पैदा करके उसकी सूंघने क्षमता को नुकसान पहुंचाते हैं, वहीं यह वायरस कभी-कभी बिना लक्षणों के भी सूंघने की क्षमता को नुकसान पहुंचाता है।’
टीम ने अध्ययन के लिए 23 रोगियों के नाक से लिए गए ऊतकों के नमूनों का उपयोग किया। जिन्हें ट्यूमर या क्रोनिक राइनोसिनिटिस, नाक और साइनस की बीमारी को लेकर की गई एंडोस्कोपिक सर्जिकल प्रक्रिया के दौरान हटाया गया था। उन्होंने सात रोगियों के ट्रेकिआ (विंडपाइप) की बायोप्सी का भी अध्ययन किया। इनमें से कोई भी मरीज कोरोना पॉजिटिव नहीं था।