{"_id":"5f4177a377a9d9569f52570a","slug":"american-company-advanced-penetration-technology-claims-that-apply-ointment-on-nose-will-kill-corona-virus","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिकी दवा कंपनी का दावा, नाक पर मलहम लगाते ही 30 सेकंड में खत्म हो जाएगा कोरोना का वायरस","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अमेरिकी दवा कंपनी का दावा, नाक पर मलहम लगाते ही 30 सेकंड में खत्म हो जाएगा कोरोना का वायरस
Sun, 23 Aug 2020 01:23 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 23 Aug 2020 01:23 AM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस(सांकेतिक तस्वीर)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जहां पूरी दुनिया को कोरोना की काट ढूंढने में लगे हैं, वही अमेरिका की एक फार्मा कंपनी अडवांस्ड पेनिट्रेशन टेक्नोलॉजी एलएलसी ने एक ऐसा मलहम बनाने का दावा किया है जिसे लगाते ही 30 सेकेंड में कोविड-19 वायरस मर जाता है।
विज्ञापन
कंपनी के वैज्ञानिकों ने कहा कि एफडीए पंजीकृत ‘नॉन प्रिस्क्रिपश्न ओवर द काउंटर’ (ओटीसी)मलहम ने कोरोना संक्रमण समेत अन्य विषाणु संक्रमणों से बचाव करने, उपचार करने और उन्हें समाप्त करने की क्षमता साबित की है।
विज्ञापन
कंपनी के मुताबिक, प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट में यह पता चला है कि टी3एक्स उपचार के बाद संक्रमण फैलाने वाला कोई विषाणु नहीं पाया गया। कंपनी का दावा है कि ये मलहम कोरोना को खत्म करने में कारगर साबित होगा।
विज्ञापन
अमेरिका के अलावा लंदन स्थित लैब वायरोलॉजी रिसर्च सर्विसेज लिमिटेड (वीआरएसएल) ने मलहम का परीक्षण किया। इस मलहम का दो महीने तक परीक्षण किया गया। इसके बाद इसे यूएसएफडीए से अनुमति मिली है।
अडवांस्ड पेनिट्रेशन टेक्नोलॉजी के संस्थापक डॉ ब्रायन ह्यूबर ने इस दिशा में उम्मीद जताते हुए कहा है कि कोरोना की दवाओं की खोज में यह सबसे अहम खोज साबित होगी जो नाक के जरिये वायरस को शरीर में प्रवेश करने से रोकेगी। उन्होंने कहा कि अधिकतर मामलों में कोरना वायरस सांस के द्वारा शरीर में प्रवेश करता है।
कंपनी के बयान में कहा गया कि लंदन स्थित अनुसंधान प्रयोगशाला ‘वायरोलॉजी रिसर्च सर्विसेज लिमिटेड’ ने कोरोना वायरस (एनएल63) और ‘इन्फ्लुएंजा ए’ वायरस पर दवा के विषाणु रोधी प्रभाव का मूल्यांकन किया और वायरस से लड़ने में काफी मददगार पाया।