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स्टडी में चेतावनी: पाबंदियों में दी छूट तो कोरोना महामारी के भयानक प्रकोप से जूझेगा चीन
Sun, 28 Nov 2021 04:11 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 28 Nov 2021 04:11 PM IST
सार
चीन के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने चाइना सीडीसी वीकली में प्रकाशित रिपोर्ट में पेकिंग विश्वविद्यालय के चार गणितज्ञों के हवाले से कहा गया है कि चीन बिना प्रभावी टीकाकरण और विशेष इलाज के सभी आने जाने वालों के लिए आइसोलेशन की व्यवस्था करने के लिए तैयार नहीं है।
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चीन में कोरोना वायरस के नए मामले दर्ज किए गए (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
कोरोना महामारी को रोकने के लिए चीन ने पिछले करीब दो साल से अपना सबसे कड़ा लॉकडाउन जारी रखा है। देश के कई हिस्सों को अब भी लोगों की आवाजाही पर रोक है। इसके बावजूद चीन में कोरोना के केस नहीं रुक रहे हैं। इनमें ज्यादातर केस विदेश से आने वाले लोगों के हैं। अब एक स्टडी में दावा किया गया है कि अगर चीन ने अपनी सख्त पाबंदियों में जरा भी छूट दी, तो उसे महामारी के भयानक प्रकोप से जूझना पड़ेगा।
पेकिंग विश्वविद्यालय के गणितज्ञों की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर प्रतिबंधों में ढील मिलती है, तो आगे चीन में रोजाना संक्रमण के 6.30 लाख से ज्यादा मामले सामने आ सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि कोरोना से ऐसे भंयकर प्रकोप की संभावना है जिसका बोझ चिकित्सा प्रणाली नहीं उठा सकती।
अभी क्या हैं चीन के मामले?
चीन में शनिवार को कोरोना के 23 नए मामले सामने आए, जिनमें से 20 मामले विदेश से आए और राजधानी बीजिंग सहित अन्य शहरों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। गौरतलब है कि चीन के वुहान शहर में 2019 के अंत में ही कोविड का पहला मामला आ गया था, जबकि पूरी दुनिया में इसका प्रसार फरवरी-मार्च के आसपास देखा गया था। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के मुताबिक, चीन में अब तक कोविड-19 के 98,631 मामले आए हैं जबकि 4,636 मरीजों की मौत हुई है। इस समय 785 मरीज उपचाराधीन हैं।
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चीन के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने चाइना सीडीसी वीकली में प्रकाशित रिपोर्ट में पेकिंग विश्वविद्यालय के चार गणितज्ञों के हवाले से कहा गया है कि चीन बिना प्रभावी टीकाकरण और विशेष इलाज के सभी आने जाने वालों के लिए आइसोलेशन की व्यवस्था करने के लिए तैयार नहीं है। मौजूदा समय में विदेश से चीन आने वालों को तय किए गए होटलों में 21 दिनों तक आइसोलेशन में रहना पड़ता है।
पांच देशों के आंकड़ों के विश्लेषण पर की गई स्टडी
अमेरिका, ब्रिटेन, इजराइल, स्पेन और फ्रांस के अगस्त से अब तक के आंकड़ों का विश्लेषण कर वैज्ञानिकों ने आकलन करने की कोशिश की कि चीन अगर इन देशों की तरह रणनीति अपनाए तो क्या प्रभाव पड़ेगा। अगस्त में इन सभी देशों में टीकाकरण की दर चीन से अधिक थी, साथ ही उच्च प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता के साथ-साथ चीन के मुकाबले कम जनसंख्या घनत्व था। अनुसंधानकर्ताओं का आकलन है कि अगर चीन भी अमेरिका की रणनीति को महामारी से निपटने में अपनाता है तो दैनिक मामलों की संख्या 6,37,155 हो सकती है, जबकि अगस्त में 1,50,098 मामले रोजाना आ रहे थे।
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि अगर चीन ब्रिटेन और फ्रांस की रणनीति का अनुकरण करता है तो रोजाना क्रमश: 2,75,793 और 4,54,198 नए संक्रमण के मामले आ सकते हैं। हालांकि, अध्ययन में स्वीकार किया गया कि यह गणितीय गणना पर आधारित है और यात्रा प्रतिबंध हटाने के प्रभावों का आकलन करने के लिए कहीं जटिल और गतिशील मॉडल की जरूरत है।
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पेकिंग विश्वविद्यालय के गणितज्ञों की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर प्रतिबंधों में ढील मिलती है, तो आगे चीन में रोजाना संक्रमण के 6.30 लाख से ज्यादा मामले सामने आ सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि कोरोना से ऐसे भंयकर प्रकोप की संभावना है जिसका बोझ चिकित्सा प्रणाली नहीं उठा सकती।
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अभी क्या हैं चीन के मामले?
चीन में शनिवार को कोरोना के 23 नए मामले सामने आए, जिनमें से 20 मामले विदेश से आए और राजधानी बीजिंग सहित अन्य शहरों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। गौरतलब है कि चीन के वुहान शहर में 2019 के अंत में ही कोविड का पहला मामला आ गया था, जबकि पूरी दुनिया में इसका प्रसार फरवरी-मार्च के आसपास देखा गया था। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के मुताबिक, चीन में अब तक कोविड-19 के 98,631 मामले आए हैं जबकि 4,636 मरीजों की मौत हुई है। इस समय 785 मरीज उपचाराधीन हैं।
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चीन के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने चाइना सीडीसी वीकली में प्रकाशित रिपोर्ट में पेकिंग विश्वविद्यालय के चार गणितज्ञों के हवाले से कहा गया है कि चीन बिना प्रभावी टीकाकरण और विशेष इलाज के सभी आने जाने वालों के लिए आइसोलेशन की व्यवस्था करने के लिए तैयार नहीं है। मौजूदा समय में विदेश से चीन आने वालों को तय किए गए होटलों में 21 दिनों तक आइसोलेशन में रहना पड़ता है।
पांच देशों के आंकड़ों के विश्लेषण पर की गई स्टडी
अमेरिका, ब्रिटेन, इजराइल, स्पेन और फ्रांस के अगस्त से अब तक के आंकड़ों का विश्लेषण कर वैज्ञानिकों ने आकलन करने की कोशिश की कि चीन अगर इन देशों की तरह रणनीति अपनाए तो क्या प्रभाव पड़ेगा। अगस्त में इन सभी देशों में टीकाकरण की दर चीन से अधिक थी, साथ ही उच्च प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता के साथ-साथ चीन के मुकाबले कम जनसंख्या घनत्व था। अनुसंधानकर्ताओं का आकलन है कि अगर चीन भी अमेरिका की रणनीति को महामारी से निपटने में अपनाता है तो दैनिक मामलों की संख्या 6,37,155 हो सकती है, जबकि अगस्त में 1,50,098 मामले रोजाना आ रहे थे।
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि अगर चीन ब्रिटेन और फ्रांस की रणनीति का अनुकरण करता है तो रोजाना क्रमश: 2,75,793 और 4,54,198 नए संक्रमण के मामले आ सकते हैं। हालांकि, अध्ययन में स्वीकार किया गया कि यह गणितीय गणना पर आधारित है और यात्रा प्रतिबंध हटाने के प्रभावों का आकलन करने के लिए कहीं जटिल और गतिशील मॉडल की जरूरत है।