इन रिपब्लिकंस ने अब तक जला रखी है ट्रंप की मशाल! निंदा को मानते हैं कामयाबी
धुर-दक्षिणपंथ के रणनीतिकारों की साफ समझ है कि असली जीत दर्ज करने से भी ज्यादा अहम पॉलिटिकल नैरेटिव पर नियंत्रण कायम करना है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में ग्रीन की हुई निंदा से उन्हें खूब प्रचार मिला है...
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डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस से जरूर विदा हो गए, लेकिन जिस धुर दक्षिणपंथी राजनीति को उन्होंने अमेरिका में फैलाया, उस पर विराम नहीं लगा है। बल्कि अब ऐसे नेता सामने आ रहे हैं, जो उनकी विरासत को आगे ले जाते दिख रहे हैं। इनमें ही एक मर्जोरी टेलर ग्रीन हैं। वे हाल के चुनाव में जॉर्जिया राज्य से हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के लिए चुनी गई हैं। उन्होंने जो बाइडन के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के अगले ही दिन उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने का नोटिस दे दिया। हालांकि विश्लेषकों ने इसे पब्लिसिटी स्टंट माना, लेकिन यह गौरतलब है कि ट्रंप शैली की राजनीति में प्रचार की बेहद अहमियत है।
ग्रीन षडयंत्र के सिद्धांत फैलाने वाले धुर दक्षिणपंथी गुट क्यूएनॉन से जुड़ी हैं। लोगों का ध्यान खींचने में उन्हें माहिर माना जाता है। इसीलिए उन्हें डोनाल्ड ट्रंप के सबसे प्रमुख वफादारों में एक गिना जाने लगा है। माना जा रहा है कि ग्रीन रिपब्लिकन पार्टी की आक्रामक शैली की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहती हैं। ग्रीन के अलावा जो धुर-दक्षिणपंथी नेता हाल में चर्चा में आए हैं, उनमें लॉरेन बोएबर्ट भी हैं। वे कोलोराडो राज्य से हाउस के लिए चुनी गई हैं। बोएबर्ट ने ही छह जनवरी को हैंडगन लेकर सदन में आने का एलान किया था।
धुर-दक्षिणपंथ के रणनीतिकारों की साफ समझ है कि असली जीत दर्ज करने से भी ज्यादा अहम पॉलिटिकल नैरेटिव पर नियंत्रण कायम करना है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में ग्रीन की हुई निंदा से उन्हें खूब प्रचार मिला है। इसे उन्होंने अपनी कामयाबी के रूप में लिया। कुछ डेमोक्रेटिक सांसदों ने उन्हें सदन से निकालने का प्रस्ताव लाने का एलान किया है। इसे भी ग्रीन ने अपनी जीत माना है। ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर उन्होंने कहा कि हम देखेंगे कि ये कैसे आगे बढ़ता है।
रिपब्लिकन पार्टी के रणनीतिकार डग हेय ने ब्रिटिश अखबार द फाइनेंशियल टाइम्स से कहाः ‘इन लोगों ने अपना कैरियर ही सुर्खियां पाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए निर्मित किया है। ये कड़ी मेहनत करने में यकीन नहीं करते। वे चर्चा में रहना चाहते हैँ।’ ग्रीन और बोएबर्ट जैसे नेताओं की कोशिश रिपब्लिकन पार्टी पर कब्जा करने की है। इसमें वे सफल होंगे या नहीं अभी तय नहीं है। लेकिन इस बात की काफी संभावना है कि दोनों प्रमुख पार्टियों में सहमति कायम करने की राष्ट्रपति जो बाइडन की कोशिशों में वे पलीता लगा देंगे।
इसी बीच ये खबर लगातार चर्चा में है कि ट्रंप अपनी अलग पार्टी बनाने की तैयारी में हैं। अगर उन्होंने ऐसा किया तो वे रिपब्लिकन पार्टी के वोट विभाजित कर देंगे। कई विश्लेषकों की राय है कि ट्रंप के इसी संकेत के कारण रिपब्लिकन पार्टी के ज्यादातर नेता पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव पर उनके पक्ष में खड़े हो गए हैं। अब ये लगभग साफ है कि रिपब्लिकन पार्टी के सिर्फ पांच सीनेटर इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट डालेंगे। जबकि इसके पास होने के लिए कम से कम 17 सीनेटरों का टूटना जरूरी है।
माना जा रहा है कि ट्रंप के खौफ से रिपब्लिकन पार्टी में उनके पक्ष में बने माहौल के बाद ट्रंप भी अलग पार्टी बनाने के बजाय अपने उन समर्थकों का साथ देंगे, जो पार्टी में रहते हुए उसे ट्रंप के रास्ते पर बनाए रखना चाहते हैं। एरिजोना राज्य में ट्रंप समर्थकों को इस हफ्ते बड़ी सफलता मिली, जब पार्टी ने दो रिपब्लिकन सीनेटरों जेफ फ्लेक और सिंडी मैकैन की निंदा का प्रस्ताव पारित किया। महाभियोग प्रस्ताव पर जो पांच सीनेटर रिपब्लिकन पार्टी से टूटे हैं, उनमें ये दोनों भी हैं। एरिजोना की रिपब्लिकन पार्टी ने राज्य के रिपब्लिकन गवर्नर डग ड्यूसे की भी इसलिए निंदा की क्योंकि उन्होंने राज्य में कोविड-19 से जुड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। ड्यूसे पहले ट्रंप के समर्थक थे, लेकिन अब उन्होंने पाला बदल लिया है।
उधर ऑरेगन राज्य की रिपब्लिकन पार्टी की इकाई ने एक बयान जारी कर कहा है कि छह जनवरी को कैपिटॉल हिल पर हुआ हमला एक साजिश था। इसका मकसद राष्ट्रपति ट्रंप, उनके समर्थकों, और रिपब्लिकन पार्टी के कंजरवेटिव धड़े को बदनाम करना था। इसके साथ ही ट्रंप की प्रेस सचिव रह चुकीं सराह हकबी ने अरकांसास राज्य के गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। इसके लिए उन्होंने एक 80 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ करने के अपने अनुभव का जिक्र किया है। यानी ट्रंप समर्थक सक्रिय हैं। जानकारों का मानना है कि ट्रंप की विरासत से अमेरिका को जल्द मुक्ति मिलने वाली नहीं है।