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म्यांमार में सेना का घिनौना कृत्य: गांववालों को इकट्ठा किया, हाथ बांधे और जिंदा जला दिया, पांच बच्चों समेत 11 की मौत
Thu, 09 Dec 2021 09:51 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, म्यांमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, म्यांमार
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 09 Dec 2021 09:51 AM IST
सार
म्यांमार में सेना मानवाधिकारों का बार-बार उल्लंघन कर रही है। निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतारा जा रहा है। नोबेल विजेता सू की को सजा होने के बाद एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे म्यांमार में स्वतंत्रता का दम घोंटने के लिए सेना के मकसद का ताजा उदाहरण बताया है।
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म्यांमार की सेना(फाइल)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
लोकतंत्र समर्थकों को बंदूक के बल पर कुचल रही म्यांमार की सेना की तानाशाही बढ़ती ही जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार इस बार म्यांमार की सेना ने ग्रामीणों पर कहर बरपाया है। बताया जा रहा है कि म्यांमार की सेना ने पांच बच्चों समेत 11 ग्रामीणों को जिंदा जला दिया है। म्यांमार के उत्तर-पश्चिम के सगाइंग क्षेत्र के डॉन ताव गांव में जले हुए शवों की तस्वीरें और एक वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर फैल जाने के बाद घटना की जानकारी सामने आई।
वीडियो फुटेज भी आई सामने
इस वीडियो फुटेज को पुरुषों को गोली मारने और जलाने के कुछ ही समय बाद लिया गया था, वहीं कुछ पीड़ित कथित तौर पर उस समय भी जीवित थे जब वीडियो बनाया जा रहा था। एक फरवरी के तख्तापलट के बाद से इस क्षेत्र में सैन्य शासन के विरोधियों द्वारा स्थापित जुंटा की सेना और मिलिशिया के बीच भयंकर लड़ाई देखी गई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले सेना ने कुछ गांव वाले को इकट्ठा किया फिर हाथ बांध दिए और फिर आग के हवाले कर दिया।
संयुक्त राष्ट्र ने गहरी चिंता व्यक्त की
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने 11 लोगों की भीषण हत्या की रिपोर्टों पर गहरी चिंता व्यक्त की और इस तरह की हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा, विश्वसनीय रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मारे गए लोगों में पांच बच्चे भी शामिल थे।
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अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं
11 लोगों की मौत कैसे हुई, इस बारे में स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को यह जानकारी एक व्यक्ति द्वारा दिया गया जो कि घटनास्थल पर गया था। आमतौर पर स्वतंत्र म्यांमार मीडिया द्वारा की गई घटना के विवरण से मेल खाता था।
‘पीपुल्स डिफेंस फोर्स’ के सदस्य नहीं थे मृतक
स्थानीय किसान प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पकड़े गए लोग स्थानीय रूप से संगठित ‘पीपुल्स डिफेंस फोर्स’ के सदस्य नहीं थे, जिसकी कई बार सैनिकों से झड़प हुई है। उसने सैनिकों के हमले का कोई कारण नहीं बताया। उसने घटना की बर्बरता का जिक्र करते हुए कहा, गिरफ्तार करने के बाद जिन्हें जिंदा जलाया गया वे गड़बड़ी कर ही नहीं सकते थे। मृतकों की उम्र 14 से 40 साल के बीच बताई गई।
जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराएं : यूएन
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने ‘11 लोगों की बर्बर हत्या’ की खबर पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा, विश्वसनीय रिपोर्ट के अनुसार, मारे गए उन लोगों में 5 बच्चे थे। दुजारिक ने म्यांमार के सैन्य अधिकारियों को नागरिकों की सुरक्षा के लिए वैश्विक कानून के तहत उनके दायित्वों की याद दिलाई और इस जघन्य कृत्य के जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने को कहा।
सू की की सजा पर यूएनएससी में चिंता
संयुक्त राष्ट्र् सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने म्यांमार की अपदस्थ लोकतांत्रिक नेता आंग सान सू की, पूर्व राष्ट्रपति विन मिंट और अन्य को इस सप्ताह सजा दिए जाने पर गहरी चिंता जताई। सू की को हिंसा भड़काने और कोविड-19 प्रतिबंधों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया और चार साल जेल की सजा सुनाई गई थी। 76 वर्षीय सू की इस साल फरवरी सैन्य तख्तापलट से पहले म्यांमार की नेता थीं।
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वीडियो फुटेज भी आई सामने
इस वीडियो फुटेज को पुरुषों को गोली मारने और जलाने के कुछ ही समय बाद लिया गया था, वहीं कुछ पीड़ित कथित तौर पर उस समय भी जीवित थे जब वीडियो बनाया जा रहा था। एक फरवरी के तख्तापलट के बाद से इस क्षेत्र में सैन्य शासन के विरोधियों द्वारा स्थापित जुंटा की सेना और मिलिशिया के बीच भयंकर लड़ाई देखी गई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले सेना ने कुछ गांव वाले को इकट्ठा किया फिर हाथ बांध दिए और फिर आग के हवाले कर दिया।
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संयुक्त राष्ट्र ने गहरी चिंता व्यक्त की
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने 11 लोगों की भीषण हत्या की रिपोर्टों पर गहरी चिंता व्यक्त की और इस तरह की हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा, विश्वसनीय रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मारे गए लोगों में पांच बच्चे भी शामिल थे।
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अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं
11 लोगों की मौत कैसे हुई, इस बारे में स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को यह जानकारी एक व्यक्ति द्वारा दिया गया जो कि घटनास्थल पर गया था। आमतौर पर स्वतंत्र म्यांमार मीडिया द्वारा की गई घटना के विवरण से मेल खाता था।
‘पीपुल्स डिफेंस फोर्स’ के सदस्य नहीं थे मृतक
स्थानीय किसान प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पकड़े गए लोग स्थानीय रूप से संगठित ‘पीपुल्स डिफेंस फोर्स’ के सदस्य नहीं थे, जिसकी कई बार सैनिकों से झड़प हुई है। उसने सैनिकों के हमले का कोई कारण नहीं बताया। उसने घटना की बर्बरता का जिक्र करते हुए कहा, गिरफ्तार करने के बाद जिन्हें जिंदा जलाया गया वे गड़बड़ी कर ही नहीं सकते थे। मृतकों की उम्र 14 से 40 साल के बीच बताई गई।
जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराएं : यूएन
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने ‘11 लोगों की बर्बर हत्या’ की खबर पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा, विश्वसनीय रिपोर्ट के अनुसार, मारे गए उन लोगों में 5 बच्चे थे। दुजारिक ने म्यांमार के सैन्य अधिकारियों को नागरिकों की सुरक्षा के लिए वैश्विक कानून के तहत उनके दायित्वों की याद दिलाई और इस जघन्य कृत्य के जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने को कहा।
सू की की सजा पर यूएनएससी में चिंता
संयुक्त राष्ट्र् सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने म्यांमार की अपदस्थ लोकतांत्रिक नेता आंग सान सू की, पूर्व राष्ट्रपति विन मिंट और अन्य को इस सप्ताह सजा दिए जाने पर गहरी चिंता जताई। सू की को हिंसा भड़काने और कोविड-19 प्रतिबंधों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया और चार साल जेल की सजा सुनाई गई थी। 76 वर्षीय सू की इस साल फरवरी सैन्य तख्तापलट से पहले म्यांमार की नेता थीं।