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रिपोर्ट: तिब्बत का पारिस्थिकी तंत्र बर्बाद कर रहा चीन, क्षेत्र में डंप कर रहा जहरीला कचरा, मानसून चक्र प्रभावित

Thu, 06 Jan 2022 02:24 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, ल्हासा।
एजेंसी, ल्हासा। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 06 Jan 2022 02:24 AM IST
सार

अमेरिका स्थित एक पत्रिका (जियानली यांग, प्रोविडेंस) ने हाल ही में दावा किया कि चीन तिब्बत में जहरीले कचरे को डंप कर रहा है। प्रोविडेंस जर्नल के लेख में कहा गया है कि चीन की औद्योगिक गतिविधियों के कार्बन फुटप्रिंट, लिथियम के खनन और तिब्बत में एटमी खनिजों के खनन ने क्षेत्र में मानसून चक्र को गहराई से प्रभावित किया है।

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Report China destroying Tibet ecosystem dumping toxic waste in Tibetan region monsoon cycle affected
China-Tibet Flag - फोटो : iStock

विस्तार

विश्व बिरादरी ने जब बीजिंग द्वारा तिब्बती संस्कृति और पहचान को बेरहमी से नष्ट करने का संज्ञान लिया तब से क्षेत्र में चीनी अफसरों के तिब्बती पारिस्थितिकी तंत्र का विनाश भी संदेह के घेरे में आ गया है। तिब्बत प्रेस के मुताबिक, तिब्बती संस्कृति का अंधाधुंध विनाश एक सर्वविदित तथ्य बन चुका है लेकिन तिब्बती पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) की बहुत कम लोगों को ही पता है।

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अमेरिका स्थित एक पत्रिका (जियानली यांग, प्रोविडेंस) ने हाल ही में दावा किया कि चीन तिब्बत में जहरीले कचरे को डंप कर रहा है। प्रोविडेंस जर्नल के लेख में कहा गया है कि चीन की औद्योगिक गतिविधियों के कार्बन फुटप्रिंट, लिथियम के खनन और तिब्बत में एटमी खनिजों के खनन ने क्षेत्र में मानसून चक्र को गहराई से प्रभावित किया है। इस बीच चीन ने मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को भी बार-बार नजरअंदाज किया है, जो अंतरराष्ट्रीय रूप से प्रतिबंधित है।
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इसके अलावा तिब्बत प्रेस ने बताया कि चीन के अत्यधिक औद्योगिक खनन ने न सिर्फ तिब्बती प्राकृतिक संसाधनों को लूटा है बल्कि भूमि को बंजर भी बना दिया है। खदान से दूषित कचरे के निकलने के कारण ही कर्जे प्रांत में मिन्याक ल्हागांग स्थित लिचु नदी में अचानक मवेशियों के सामूहिक रूप से मरने की खबरें भी आई थीं। इनमें याक जैसे पशु भी शामिल थे।
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शिनजियांग में टेस्ला शोरूम खोलने पर अमेरिका बोला, चीनी नरसंहार का विरोध करें निजी क्षेत्र
दुनिया के सबसे बड़े अमीर एलन मस्क की कंपनी टेस्ला ने चीन के शिनजियांग प्रांत की राजधानी उरुमकी में अपना नया शोरूम खोलने का फैसला किया है। इस पर व्हाइट हाउस ने कहा है कि निजी कंपनियों को भी शिनजिगांग में चीनी मानवाधिकारों के हनन और नरसंहार का विरोध करना चाहिए।


प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा, निजी कंपनियां अपनी आपूर्ति शृंखला में जबरन श्रम और मानवाधिकारों का हनन नहीं रोक पाती हैं, इसलिए उन्हें अमेरिका में गंभीर कानूनी परेशानियों और ग्राहक जोखिम का सामना करना पड़ता है। अमेरिका ने इस प्रांत में उइगरों के जबरन श्रम से बने सामानों के आयात पर रोक लगा दिया है। इस बीच, अमेरिका के शीर्ष मुस्लिम नागरिक आजादी संगठन ने टेस्ला मोटर्स के सीईओ एलन मस्क को शिनजियांग में नया शोरूम बंद करने का आह्वान किया है।

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