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पश्चिम एशिया संकट: अमेरिका ने ईरान के नेतृत्व को क्यों बताया 'गटर के चूहे'? तेहरान ने भी पलटवार किया

Sat, 02 May 2026 07:19 AM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन। Published by: Nirmal Kant Updated Sat, 02 May 2026 07:19 AM IST
सार

अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम के बाद अनिश्चितता बनी हुई है। दूसरी ओर दोनों ओर से जुबानी हमले जारी हैं। इसी कड़ी में अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरानी नेतृत्व को सीवर के चूहे करार दिया। वहीं, तेहरान ने भी पलटवार किया है। पढ़िए रिपोर्ट-

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"Rats in sewer pipe": US Treasury chief Bessent slams Iranian leadership
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई

विस्तार

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरानी नेतृत्व पर तीखा हमला किया। बेसेंट ने उन्हें 'गटर के पाइप में रहने वाले चूहे' करार दिया। उन्होंने कहा कि तेहरान में बैठा नेतृत्व जमीनी हकीकी से पूरी तरह बेखबर है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब उसके खिलाफ हो चुका है। 
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बेसेंट ने यह भी दावा किया कि अमेरिका का दुनिया के सबसे अहम जल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण है। उन्होंने कहा, जब तक 27 फरवरी से पहले जैसी नौवहन की स्वतंत्रता बहाल नहीं हो जाती, तक तक नाकाबंदी जारी रहेगी। 
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अमेरिकी वित्त मंत्री ने क्या कहा?
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, गटर के पाइप में रहने वाले चूहों के लिए बाहर की दुनिया में क्या हो रहा है, यह समझना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व के बारे में कहा कि वे अंधेरे में बैठे हैं और उन्हें यह नहीं पता कि अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण है। डॉलर की कमी है। भोजन और पेट्रोल का सीमित मात्रा में वितरण हो रहा है और पूरी दुनिया उनके खिलाफ खड़ी है। 
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ये भी पढ़ें: 'परमाणु हथियार वाला ईरान दुनिया को कर देता तबाह', ट्रंप बोले- टुकड़ों में टूट जाते प. एशिया और यूरोप


ईरानी दूतावास ने पलटवार करते हुए क्या कहा?
अमेरिकी वित्त मंत्री के इस बयान पर दक्षिण अफ्रीका में ईरान के दूतावास ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। दूतावास ने कहा, सब जानते हैं कि आप और आपके बॉस युद्ध हार चुके हैं। आपकी ये बातें जीत की नहीं बल्कि दर्द की निशानी हैं। 

नौवहन कंपनियों को अमेरिका की चेतावनी
इससे पहले इस्लामाबाद में वार्ता विफल होने के बाद 13 अप्रैल को अमेरिका ने ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी शुरू कर दी थी। अमेरिकी वित्त मंतरालय ने शुक्रवार को नौवहन कंपनियों और समुद्री संचालकों को चेतावनी दी कि अगर वे होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने के लिए ईरान को भुगतान करते हैं, तो उन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। 

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