बांग्लादेश: इस्कॉन पर हमले के चश्मदीद का आरोप, कहा- हमें मंदिर छोड़ने की धमकी मिली, पुलिस भी हमारे खिलाफ
इस्कॉन मंदिर पर हमला के मामले में चश्मदीद गवाह और इस्कॉन के मेडिकल ऑफिसर ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस भी गुडों से मिली है। उन्होंने भारत और बांग्लादेश के प्रधानमंत्रियों से मदद की गुहार लगाई है।
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बांग्लादेश के ढाका में इस्कॉन राधाकांत मंदिर पर हमले की चारों ओर आलोचना हो रही है। बीते 17 मार्च को वहां कुछ कट्टरपंथियों मे मंदिर पर हमला करके छतिग्रस्त कर दिया था। इस मामले में इस्कान के चिकित्सा अधिकारी और हमले के प्रत्यक्षदर्शी रासमनी केशवदास ने कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एक आदमी जिसका नाम हाजी सैफुल्लाह है वो पिछले कई सालों से मंदिर छोड़ने की धमकी दे रहा था।उसने हमें पैसों का भी लालच दिया था। रासमनी केशवदास ने आरोप लगाया कि उनका एक दूसरा आदमी जिसका नाम इशराफ सूफी है, उसने हमें जान से मारने की धमकी दी थी। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर भी आरोपियों से मिले होने का आरोप लगाया।
आरोप लगाते हुए रासमनी केशवदास ने कहा कि मंदिर पर हमले में पुलिस ने भी उनका साथ दिया। हमारे लाख कहने के बावजूद उन लोगों ने हमारी बातें नहीं सुनी। इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है।
उन्होंने आगे बताया कि घटना वाले दिन इन दोनों ने 500-600 लोगों के साथ मिलकर मंदिर की दीवार तोड़ दी। जब भीड़ को रोकने की कोशिश में हमारे लोगों को दो लोगों को चोट लग गई जो अस्पताल में भर्ती हैं। उनका इलाज चल रहा है। इतना ही नहीं वहां मौजूद पुलिस ने भी उन्हें कुछ नहीं किया, पुलिस के सामने भी वे ऐसा ही करते रहे।
चिकित्सा अधिकारी और प्रत्यक्षदर्शी रासमनी केशवदास ने कहा कि हमें मंदिर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन यह हमारा है। गुंडे अब भी हमें धमकी दे रहे हैं। उनका कहना है कि अगर कोई हमसे मिला तो जान से मार देंगे। धमकी के बारे में पुलिस से शिकायत करने के बाद हमें थोड़ी सुरक्षा दी गई है। यहां मंदिर के सामने 10 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
उन्होंने भारत के पीएम से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि हमारी पीएम शेख हसीना हमारी मदद करने की कोशिश कर रही हैं। हम दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों से हमारी मदद करने का अनुरोध करते हैं। वहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत सरकार ने भारतीय दूतावास से इस मामले को बांग्लादेश सरकार के सामने उठाने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि ढाका के वारी में 222 लाल मोहन साहा स्ट्रीट स्थित इस्कॉन मंदिर में गुरुवार शाम 7 बजे उस समय ये हमला हुआ था जब हिंदू श्रद्धालु बुद्ध पूर्णिमा उत्सव की तैयारी कर रहे थे। ये हमला हाजी सैफीउल्लाह की अगुआई में हुआ।