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मतभेदों के खुल कर सामने आने से मुश्किल में स्पेन की वामपंथी सरकार

Wed, 03 Mar 2021 05:03 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैड्रिड
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैड्रिड Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 03 Mar 2021 05:03 PM IST
सार

ताजा विवाद का मुद्दा कैटेलोनिया प्रांत में रैपर (रैप गायक) पाब्लो हासेल की गिरफ्तारी बना है। हासेल को पिछले 16 फरवरी को उनके कुछ ट्विट्स और गानों की वजह से गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी के बाद से इस प्रांत में प्रदर्शनों का दौर जारी है...

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Rapper Pablo Hasél arrest in Spain sparked riots
A couple kiss in front of a burning barricade in Barcelona at a protest condemning the arrest of Pablo Hasél - फोटो : Agency

विस्तार

स्पेन में वामपंथी सरकार इसमें शामिल दो घटकों की अंदरूनी लड़ाई के कारण संकट में पड़ती दिखती है। पिछले साल जनवरी में सोशलिस्ट वर्कर्स पार्टी और यूनिदास पॉदेमॉस ने गठबंधन सरकार बनाई थी। बीते एक साल में इस सरकार ने देश में कई प्रगतिशील योजनाएं लागू की हैं। कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद उसने जनता की भलाई के लिए कई खास कदम उठाए। लेकिन हाल में कई ऐसे मुद्दे सामने आए हैं, जिनको लेकर दोनों पार्टियां आपस में लड़ती नजर आ रही हैं।

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सोशलिस्ट वर्कर्स पार्टी परंपरागत पार्टी है। जबकि यूनिदास पॉदेमॉस एक विद्रोही गुट के रूप में हाल के वर्षों में उभरी है। गठबंधन में बड़ी पार्टी सोशलिस्ट पार्टी है। उसके नेता पेद्रो सांचेज प्रधानमंत्री हैं। पॉदेमॉस के पांच मंत्री सरकार में शामिल हैं। पॉदेमॉस के नेता और मंत्री पाब्लो इग्लेसियास ने अब कहा है कि गठबंधन सरकार को खतरे में डालना उचित नहीं है। लेकिन इसके लिए दबाव की स्थिति तब पैदा होती है, जब बनी सहमतियों को लागू नहीं किया जाता है। यानी इल्गेसियास ने सार्वजनिक तौर पर ये आरोप लगाया है कि सोशलिस्ट पार्टी सहमति से लिए गए फैसलों को लागू नहीं कर रही है।
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दूसरी तरफ सोशलिस्ट पार्टी ने कहा है कि तमाम मतभेदों को बंद कमरों में रखा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री सांचेज ने पॉदेमॉस से कहा है कि वह सार्वजनिक मंचों पर अपनी आवाज धीमी रखे। सोशलिस्ट पार्टी के प्रवक्ता जोस लुइस अबलोस ने एक प्रेस कांफ्रेंस में मंजूर किया कि दोनों पार्टियों के मतभेद हर रोज ज्यादा खुल कर सामने आते जा रहे हैं।
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ताजा विवाद का मुद्दा कैटेलोनिया प्रांत में रैपर (रैप गायक) पाब्लो हासेल की गिरफ्तारी बना है। हासेल को पिछले 16 फरवरी को उनके कुछ ट्विट्स और गानों की वजह से गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी के बाद से इस प्रांत में प्रदर्शनों का दौर जारी है, जिस दौरान कई मौकों पर हिंसा भी हुई है। पॉदेमॉस ने रैपर की गिरफ्तारी की निंदा की है। उसने ‘न्याय एवं अभिव्यक्ति की आजादी के लिए फासीवाद-विरोधी नौजवानों’ के संघर्ष का समर्थन किया है।

इससे सोशलिस्ट पार्टी खफा हुई है। पार्टी के नेता और उप प्रधानमंत्री कारमेन कालवो ने पॉदेमॉस के बयान को हिंसा को प्रोत्साहित करना बताया है। पॉदेमॉस कैटेलोनिया में आजादी समर्थक नेताओं को जेल में रखे जाने का भी विरोध करती रही है। इसका जिक्र करते हुए इग्लेसियास ने हाल में कहा- स्पेन में ऐसे हालत नहीं है कि जिसे सामान्य राजनीतिक और लोकतांत्रिक स्थिति कहा जाए।

सोशलिस्ट पार्टी 1975 में स्पेन में लोकतंत्र की बहाली के बाद से देश पर 24 साल शासन कर चुकी है। वह राजशाही समेत देश की संस्थाओं की समर्थक है। वह कैटेलोनिया में चल रहे आजादी समर्थक आंदोलन की विरोधी रही है। लेकिन पॉदेमॉस 2014 में अपने गठन के बाद से ही राजशाही और यहां तक कि देश में 1978 में बने संविधान पर भी सवाल उठाती रही है। हाल में स्पेन से राजा किंग फिलिप ने जब संसद में भाषण दिया तो, इग्लेसियास ने ताली बजाने से इनकार कर दिया।


जानकारों का कहना है कि दोनों पार्टियां हालांकि कई वामपंथी नीतियों पर सहमत हैं, लेकिन स्पेन की राष्ट्रीयता और संवैधानिक ढांचे से संबंधित कई मुद्दों पर उनके बीच बुनियादी मतभेद रहे हैं। मैड्रिड की कार्लोस यूनिवर्सिटी में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर पाब्लो सिमोन ने एक वेबसाइट से कहा कि दोनों पार्टियों में अभी चल रही बहस प्रतीकात्मक है। पॉदेमॉस यह दिखाना चाहती है कि वह अभी भी वही है, जो सरकार में शामिल होने के पहले थी। पॉदेमॉस सरकार चलाने से ज्यादा विरोध प्रदर्शनों फिट बैठती है। लेकिन इस बहस से सरकार की छवि को नुकसान हो रहा है।

स्पेन में ये आम धारणा है कि अगर मतभेदों पर इस तरह दोनों पार्टियों में टकराव जारी रहा, तो वर्तमान गठबंधन सरकार के लिए चलते रहना मुश्किल हो जाएगा।

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