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Ukraine-Latvia: 'लातविया यूक्रेन के साथ खड़ा है, संकट में जरूरी मदद भी'; रायसीना डायलॉग में बोले विदेश मंत्री
Fri, 23 Feb 2024 03:58 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Fri, 23 Feb 2024 03:58 PM IST
सार
लातविया के विदेश मंत्री क्रिसजानिस कारिन्स भारत दौरे पर हैं। इस यूरोपीय देश के विदेश मंत्री रायसीना डायलॉग में शिरकत करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि लातविया यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा है और संकट के समय जरूरी मदद भी मुहैया कराई जा रही है।
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यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और लातविया के विदेश मंत्री
- फोटो : ANI
विस्तार
यूरोपीय देश लातविया ने यूक्रेन का मजबूती से साथ देने की घोषणा की है। लातविया के विदेश मंत्री क्रिस्जानिस कैरिन्स ने रायसीना डायलॉग में कहा कि रूसी आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन की मदद के लिए लातविया हमेशा तैयार रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार यूक्रेन की मदद के लिए हथियार मुहैया करा रही है। लातविया यूक्रेन को मानवीय और वित्तीय मदद भी मुहैया करा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ नागरिक समाज के लोग भी यूक्रेन की हरसंभव सहायता कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लातविया में कई ऐसे संगठन हैं जो अचानक से उभरे हैं। जरूरतमंद लोगों को एंबुलेंस मुहैया कराए जा रहे हैं। स्कूल बस और जरूरी चिकित्सा उपकरण भी प्रदान किए जाते हैं। ड्रोन और वित्तीय मदद भी मुहैया कराई जा रही है। विदेश मंत्री क्रिस्जानिस कैरिन्स ने कहा कि युद्धग्रस्त यूक्रेन की मदद के लिए लातविया अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग एक फीसदी यूक्रेन की मदद के लिए आवंटित कर चुका है।
विदेश मंत्री कैरिन्स के मुताबिक आप जितनी भी चीजों की कल्पना कर सकते हैं, सभी चीजों का आवंटन और आपूर्ति की जा रही है। जिन लोगों के पास पैसा नहीं है, उनके पास समय दान का भी विकल्प है। वित्तीय रूप से सक्षम लोग आर्थिक सहयोग करते हैं, जिससे मदद के लविए जरूरी सामान खरीदे जा सकते हैं।
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दो साल के भीतर कई उच्च स्तरीय बैठकें
लातविया के विदेश मंत्री के अलावा रायसीना डायलॉग में एक अन्य यूरोपीय देश स्लोवाकिया के विदेश मंत्री भी हिस्सा ले रहे हैं। स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने भारत-स्लोवाकिया संबंधों और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठकों पर बात की। उन्होंने कहा, भारत के साथ हमारे संबंध बहुत अच्छी स्थिति में हैं। दो साल के भीतर कई उच्च स्तरीय बैठकें हुईं और कुछ ही वर्षों में हमारा टर्नओवर दोगुना हो गया।
स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने कहा, 'मैं जानता हूं कि भारत का लक्ष्य दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है, हम इसमें भागीदार बनना चाहते हैं। डॉ जयशंकर के साथ उन विषयों पर चर्चा की, जिनमें दोनों देश और अधिक सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्लोवाकिया यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत में भारत का समर्थन करते हैं। भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) का जिक्र करते हुए ब्लानार ने कहा, 'हम आईएमईसी को लेकर भारत की पहल का भी समर्थन करते हैं।'
डॉ जयशंकर चेक गणराज्य के विदेश मंत्री से मिले
दिन की एक अन्य अहम घटना में विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने आज चेक रिपब्लिक के समकक्ष जान लिपावस्की से मुलाकात की। रायसीना डायलॉग से इतर दोनों देशों के नेताओं की मुलाकात हुई। डॉ जयशंकर ने ट्वीट कर बताया कि शुक्रवार को रायसीना डायलॉग से इतर चेक गणराज्य के विदेश मंत्री के साथ सकारात्मक बैठक हुई। उन्होंने बताया कि चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री पीट फियाला की यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों में हुई प्रगति को लेकर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने सहयोग के अन्य क्षेत्रों पर भी मंथन किया।
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उन्होंने कहा कि लातविया में कई ऐसे संगठन हैं जो अचानक से उभरे हैं। जरूरतमंद लोगों को एंबुलेंस मुहैया कराए जा रहे हैं। स्कूल बस और जरूरी चिकित्सा उपकरण भी प्रदान किए जाते हैं। ड्रोन और वित्तीय मदद भी मुहैया कराई जा रही है। विदेश मंत्री क्रिस्जानिस कैरिन्स ने कहा कि युद्धग्रस्त यूक्रेन की मदद के लिए लातविया अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग एक फीसदी यूक्रेन की मदद के लिए आवंटित कर चुका है।
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विदेश मंत्री कैरिन्स के मुताबिक आप जितनी भी चीजों की कल्पना कर सकते हैं, सभी चीजों का आवंटन और आपूर्ति की जा रही है। जिन लोगों के पास पैसा नहीं है, उनके पास समय दान का भी विकल्प है। वित्तीय रूप से सक्षम लोग आर्थिक सहयोग करते हैं, जिससे मदद के लविए जरूरी सामान खरीदे जा सकते हैं।
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दो साल के भीतर कई उच्च स्तरीय बैठकें
लातविया के विदेश मंत्री के अलावा रायसीना डायलॉग में एक अन्य यूरोपीय देश स्लोवाकिया के विदेश मंत्री भी हिस्सा ले रहे हैं। स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने भारत-स्लोवाकिया संबंधों और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठकों पर बात की। उन्होंने कहा, भारत के साथ हमारे संबंध बहुत अच्छी स्थिति में हैं। दो साल के भीतर कई उच्च स्तरीय बैठकें हुईं और कुछ ही वर्षों में हमारा टर्नओवर दोगुना हो गया।
भारत का समर्थन करता है स्लोवाकिया#WATCH | On India-Solvakia relations and meetings with EAM S Jaishankar, Slovak Foreign Minister Juraj Blanár says, “Our relationship with India is in very good shape. Within two years, there were high-level meetings and in a couple of years our turnover is doubled. I know the… pic.twitter.com/eBObIfJI0x
— ANI (@ANI) February 23, 2024
स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने कहा, 'मैं जानता हूं कि भारत का लक्ष्य दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है, हम इसमें भागीदार बनना चाहते हैं। डॉ जयशंकर के साथ उन विषयों पर चर्चा की, जिनमें दोनों देश और अधिक सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्लोवाकिया यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत में भारत का समर्थन करते हैं। भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) का जिक्र करते हुए ब्लानार ने कहा, 'हम आईएमईसी को लेकर भारत की पहल का भी समर्थन करते हैं।'
डॉ जयशंकर चेक गणराज्य के विदेश मंत्री से मिले
दिन की एक अन्य अहम घटना में विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने आज चेक रिपब्लिक के समकक्ष जान लिपावस्की से मुलाकात की। रायसीना डायलॉग से इतर दोनों देशों के नेताओं की मुलाकात हुई। डॉ जयशंकर ने ट्वीट कर बताया कि शुक्रवार को रायसीना डायलॉग से इतर चेक गणराज्य के विदेश मंत्री के साथ सकारात्मक बैठक हुई। उन्होंने बताया कि चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री पीट फियाला की यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों में हुई प्रगति को लेकर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने सहयोग के अन्य क्षेत्रों पर भी मंथन किया।