पाकिस्तान: 'कहा था न इमरान को न छेड़ना..', PTI समर्थकों की चेतावनी; सेना मुख्यालय में जमकर तोड़फोड़, लगाए नारे
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थक देशभर में जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के कुछ घंटों के बाद पीटीआई समर्थक सेना के मुख्यालय में लाठी डंडों के साथ घुस गए।
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थक देशभर में जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के कुछ घंटों के बाद पीटीआई समर्थक सेना के मुख्यालय में लाठी डंडों के साथ घुस गए। इस दौरान उन्होंने जमकर तोड़फोड़ और नारेबाजी की। सोशल मीडिया पर इसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
"Ghar mai ghus ke maren gaye"
— Wanderer (@Ahmeds4ys) May 9, 2023
GHQ conquered by bloody civilians.pic.twitter.com/pHiTHByLsM
परिसर में घुसने से पहले पीटीआई कार्यकर्ताओं ने किया पथराव
प्रदर्शनकारी भीड़ को लाहौर कैंट में कॉर्प्स कमांडर्स हाउस में सुरक्षा कर्मियों को परेशान करते और यह कहते हुए सुना गया- कहा था न इमरान को मत छेड़ना। इमरान के समर्थक बड़ी संख्या में सेना मुख्यालय के बाहर जमा हो गए और परिसर में घुसने से पहले पथराव किया। यह पहली बार है जब जनता ने सेना मुख्यालय पर हमला किया गया है। इमरान की गिरफ्तारी के बाद से देशभर के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं।
अल कादिर ट्रस्ट मामले में गिरफ्तार किए गए इमरान
पीटीआई प्रमुख को अल-कादिर ट्रस्ट मामले में राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की जांच के तहत इस्लामाबाद हाईकोर्ट के समक्ष पेश होने से पहले गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई की छह सदस्यीय समिति इमरान की गिरफ्तारी के बाद अगले कदम की घोषणा करने की तैयारी कर रही है।
पीटीआई के उपाध्यक्ष ने बुलाई आपातकालीन बैठक
पार्टी के उपाध्यक्ष व पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक बयान मेंम कहा कि गिरफ्तारी के मद्देनजर भविष्य की कार्रवाई पर विचार करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व और पार्टी प्रमुख द्वारा गठित आपातकालीन समिति के सदस्यों की एक बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि स्थिति का आकलन करने के बाद भविष्य की कार्रवाई की घोषणा की जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने गिरफ्तारी का संज्ञान लिया है और कहा कि पार्टी पूरी दृढ़ता के साथ कानूनी और राजनीतिक युद्ध लड़ना जारी रखेगी।
क्या है अल कादिर ट्रस्ट का मामला?
दरअसल, ये मामला अल कादिर ट्रस्ट विश्वविद्यालय से जुड़ा है। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरा (NAB) ने पिछले बुधवार को इमरान खान, उनकी पत्नी बुशरा बीवी और इमरान खान की पार्टी पीटीआई से जुड़े कई नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप है कि इमरान खान ने प्रधानमंत्री रहते हुए अपनी पत्नी बुशरा बीबी और पीटीआई के कुछ अन्य नेताओं के साथ मिलकर अल-कादिर यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट ट्रस्ट का गठन किया था। इसका उद्देश्य पंजाब के सोहावा जिला झेलम में 'गुणवत्तापूर्ण शिक्षा' प्रदान करने के लिए 'अल-कादिर विश्वविद्यालय' स्थापित करना था। ट्रस्ट के कार्यालय के पते का उल्लेख "बनी गाला हाउस, इस्लामाबाद" के रूप में किया गया है।
आरोप है कि इस विश्वविद्यालय के लिए इमरान और उनकी पत्नी ने एक रेशिडेंशियल कॉम्प्लेक्स की जमीन गैर कानूनी तरीके से हड़प ली। इसके लिए दोनों ने पाकिस्तान के सबसे अमीर शख्सियत मलिक रियाज को धमकी भी दी थी। इमरान की पत्नी बुशरा बीबी की ओर से पांच कैरेट के हीरे की अंगूठी मांगे जाने की बात भी सामने आई थी। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री, उनकी पत्नी बुशरा बीबी और अन्य पीटीआई नेताओं पर राष्ट्रीय खजाने को 190 मिलियन पाउंड का नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगा है।