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म्यांमार : इंटरनेट बंद करने के बाद दोबारा प्रदर्शन शुरू, संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के सामने बौद्ध भिक्षुओं ने जताया विरोध

Wed, 17 Feb 2021 01:44 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, यंगून
एजेंसी, यंगून Published by: देव कश्यप Updated Wed, 17 Feb 2021 01:44 AM IST
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Protest in Myanmar against military coup resumed after shutting down internet
म्यांमार में रोक के बावजूद लोग लगातार कर रहे हैं प्रदर्शन - फोटो : सोशल मीडिया

म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ सुरक्षा बलों से प्रदर्शनकारियों की झड़प के एक दिन बाद प्रदर्शन मंगलवार को दोबारा शुरू हो गए। इस बीच, सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात भी प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद रखीं। यंगून व अन्य शहरों में प्रदर्शनकारियों ने सैन्य तख्तापलट के खिलाफ और देश की सर्वोच्च नेता आंग सान सू की व अन्य की रिहाई की मांग को लेकर रैलियां निकालीं।

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यंगून शहर में पुलिस ने केंद्रीय बैंक के सामने की सड़क बंद कर दी। बौद्ध भिक्षुओं ने संयुक्त राष्ट्र के स्थानीय कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पांच या इससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर लगी रोक का भी उल्लंघन किया। देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मंडाले में करीब तीन हजार प्रदर्शनकारी दोबारा सड़कों पर उतरे। उनमें से अधिकतर विद्यार्थी थे। उनके हाथों में सू की की तस्वीर भी थीं।
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अधिकांश पुलिसकर्मियों को बैंक शाखाओं सहित प्रमुख इमारतों की सुरक्षा में तैनात किया गया। म्यांमार की सैन्य सरकार ने पिछले सप्ताहों में सोशल मीडिया पर चुनिंदा एवं अप्रभावी रोक लगाने की कोशिश की थी और अब इंटरनेट पर कानून का मसौदा तैयार किया है जिसमें इंटरनेट पर कई गतिविधियां को अपराध की श्रेणी में लाया गया है।
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सू की के खिलाफ नए आरोप, बेमुद्दत हिरासत संभव
म्यांमार की पुलिस ने अपदस्थ नेता आंग सान सू की के खिलाफ एक नया आरोप दायर किया है। उनके वकील खिन माउंग जॉ ने मंगलवार को बताया कि यह आरोप सू की को बिना ट्रायल (परीक्षण) अनिश्चितकाल (बेमुद्दत) तक हिरासत में रखने की अनुमति देता है। खिन ने नेपीता में एक जज के साथ बैठक के बाद बताया कि सू की पर प्राकृतिक आपदा प्रबंधन कानून के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन करने का आरोप लगा है।


इसका इस्तेमाल कोरोना वायरस प्रतिबंध तोड़ने वालों पर मुकदमा चलाने के लिए किया गया है। एक फरवरी को सू की पर वाकी-टाकी रखने का आरोप लगा जो बिना पंजीयन के आयात किया गया। कोविड-19 उल्लंघन के लिए अधिकतम सजा 3 सल है लेकिन नया आरोप उन्हें बिना किसी मुकदमे के अनिश्चित काल के लिए हिरासत में लेने की अनुमति दे सकता है।

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