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पाकिस्तान में आजादी दिवस से पहले कराची में हुआ प्रदर्शन
Sat, 15 Aug 2020 04:50 AM IST
Kuldeep Singh
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, करांची
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, करांची
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 15 Aug 2020 04:50 AM IST
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पाकिस्तान
- फोटो : Social media
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पाकिस्तान में 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है लेकिन देश में कई जगह आजादी न मिलने को लेकर प्रदर्शन किए गए। उधर कनाडा के वेंकूवर शहर में बलूच पीपुल्स कांग्रेस के अध्यक्ष नैला चतुरी बलूच ने भी पाक स्वतंत्रता दिवस को इतिहास का काला दिन बताया। आजादी की पूर्व संध्या पर कराची में प्रदर्शन रोकने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
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सिंध प्रांत में कराची प्रेस क्लब के बाहर लापता लोगों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के परिजनों समेत कई लोग जुटे और पाकिस्तान के विरोध में प्रदर्शन किए। ऐसी खबरें हैं कि इस दौरान पुलिस के साथ हाथापाई में पांच लोग घायल भी हुए हैं। ये विरोध प्रदर्शन द सिंधी मिसिंग पर्सन्स और अन्य मानवाधिकार संगठनों ने किए और विरोध रैली भी आयोजित की। प्रदर्शनकारियों ने आतंकवादियों के पीछे की गतिविधियों के लिए वर्दी में लोगों को जिम्मेदार ठहराया।
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इस दौरान महिलाएं और बच्चे भी रोते हुए पुलिस के साथ विवाद करते देखे गए। दूसरी तरफ, वेंकूवर में बलूच पीपुल्स पार्टी के चेयरपर्सन नैला चतुरी बलूच ने एक वीडियो संदेश में कहा कि पाकिस्तान ने बलूचिस्तान पर अनधिकृत कब्जा किया हुआ है। 14 अगस्त इतिहास का काला दिन है क्योंकि यहां बलूच, सिंधी, पश्तून, मोहाजिर, हिंदू, और कश्मीरी लोग कैदियों का जीवन जी रहे हैं।
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प्रदर्शन में महिला और बच्चे भी शामिल
कराची में विरोध प्रदर्शन करने वालों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हुए। कई बच्चे और महिलाएं रोते हुए पुलिस से जिरह करते देखे गए। कई बच्चे होर्डिंग पकड़े हुए कह रहे थे कि उनके माता-पिता को रिहा करो। प्रदर्शनकारी महिला सोरथ लोहार ने कहा कि सुरक्षा बलों ने उनके घर में घुसकर परिजनों के साथ अत्याचार किए और उन्हें तबाह कर दिया। सुहानी जॉयो ने अपने पति के अगवा होने की कहानी सुनाई।