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Burkina Faso: बुर्किना फासो में नहीं रुक रहा नरसंहार, जवानों की वर्दी पहने दरिंदों ने 60 लोगों की जान ली

Mon, 24 Apr 2023 10:02 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुर्कानो फासो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुर्कानो फासो Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 24 Apr 2023 10:02 AM IST
सार

बुर्किना फासो में कुछ दिन पहले भी संदिग्ध जिहादियों ने 40 लोगों की हत्या कर दी थी। सरकारी बयान में कहा गया था कि स्वयंसेवकों के 34 सहायक और 6 अस्थायी सैनिकों की मौत हुई, जबकि 33 लोग घायल हुए थे।

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prosecutor says 60 killed in Burkina Faso by men in military uniforms
बुर्किना फासो के सैनिक। - फोटो : रॉयटर्स

विस्तार

पश्चिम अफ्रीकी देश बुर्किना फासो में आजकल हर दिन बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। शुक्रवार को 60 नागिरकों की हत्या करने का मामला सामने आया है। कहा जा रहा कि जिन संदिग्धों ने हत्या की है वह लोग बुर्किना के जवानों की वर्दी पहने हुए थे। 

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बता दें, लामिने काबोर नामक शख्स ने रविवार को ओआहिगौया पुलिस से मिली जानकारी का हवाला देते हुए घटना की जानकारी दी। 

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करमा गांव पर हुए हमले के बाद खुलासा

लामिने काबोर ने बताया कि अफ्रीकी देश माली के पास सीमावर्ती इलाकों में यतेंगा प्रांत के करमा गांव पर हमले के बाद जांच शुरू की गई थी। इस जांच से पता लगा कि शुक्रवार को 60 नागरिकों की हत्या की गई है।

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कुछ दिनों पहले भी की थी हत्या

हाल ही में बुर्किना फासो में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया था। यहां 15 अप्रैल को संदिग्ध जिहादियों ने 40 लोगों की हत्या कर दी थी। सरकारी बयान में कहा गया था कि अपनी धरती की रक्षा के लिए स्वयंसेवकों के 34 सहायक और 6 अस्थायी सैनिकों की मौत हुई है। जबकि 33 लोग घायल हुए थे। 

हमलों में लगातार वृद्धि

ह्यूमन राइट्स वॉच ने मार्च में कहा था कि 2022 के बाद से नागरिकों पर सशस्त्र समूहों द्वारा हमलों में वृद्धि हुई है, जबकि राज्य सुरक्षा बलों और स्वयंसेवी रक्षा सैनिकों ने कई आतंकवाद विरोधी अभियान चलाए हैं।

यह है हिंसा बढ़ने का कारण

गौरतलब है, बुर्किना फासो में पिछले साल सेना ने दो तख्तापलट किए, लेकिन इसके बाद भी देश में हिंसा जारी है। इस क्षेत्र में अशांति 2012 में माली में शुरू हुई, जब इस्लामवादियों ने तुआरेग अलगाववादी विद्रोह का अपहरण कर लिया था। इसके बाद से ही पड़ोसी बुर्किना फासो और नाइजर में हिंसा फैल गई। अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 25 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।

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