फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Prince Frederik of Luxembourg dies at 22 due to genetic disorder World News In Hindi

Luxembourg: लक्जमबर्ग के प्रिंस फ्रेडरिक का 22 वर्ष की उम्र में दुर्लभ बीमारी से निधन, परिवार में गहरा शोक

Tue, 11 Mar 2025 07:16 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लक्समबर्ग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लक्समबर्ग Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 11 Mar 2025 07:16 AM IST
सार

लक्ज़मबर्ग के राजकुमार रॉबर्ट के बेटे प्रिंस फ्रेडरिक का 22 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनका निधन एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी के कारण हुआ। पिता रॉबर्ट ने बताया कि फ्रेडरिक ने अपनी आखिरी घड़ी में अपने पूरे परिवार के सभी सदस्यों से बारी-बारी से विदाई ली।

विज्ञापन
Prince Frederik of Luxembourg dies at 22 due to genetic disorder World News In Hindi
लक्ज़मबर्ग के राजकुमार फ्रेडरिक का निधन - फोटो : ANI

विस्तार

लक्ज़मबर्ग के राजकुमार रॉबर्ट के बेटे प्रिंस फ्रेडरिक, का 22 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनका निधन एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी के कारण हुआ, जिसे पीओएलजी माइटोकॉन्ड्रियल बीमारी कहते हैं। इस बीमारी में शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा नहीं मिल पाती, जिससे शरीर के अलग-अलग अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर देते हैं और अंत में व्यक्ति की मौत हो जाती है। 

विज्ञापन

14 साल की उम्र में पता चल इसका लक्षण
प्रिंस फ्रेडरिक के बारे में बताया गया कि उन्हें 14 साल की उम्र में इस बीमारी के बारे में पता चला, जब उनके लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे थे। साथ ही बीमारी का असर तेज़ी से बढ़ने लगा था। यह बीमारी कई अंगों को प्रभावित करती है जैसे मस्तिष्क, तंत्रिका तंत्र, यकृत (जिगर), मांसपेशियां, आंखें, आदि। इस बीमारी का इलाज संभव नहीं है और इसका निदान करना भी बहुत मुश्किल है।

विज्ञापन

प्रिंस रॉबर्ट ने दी जानकारी
प्रिंस रॉबर्ट ने एक बयान में बताया कि उनके बेटे फ्रेडरिक ने अपनी आखिरी घड़ी में अपने पूरे परिवार के सभी सदस्यों से बारी-बारी से विदाई ली। उन्होंने सभी को कुछ अच्छे और बुद्धिमान बातें कही और अंत में अपने परिवार के बीच एक मजेदार मजाक के साथ सबको हसाया। रॉबर्ट ने कहा कि इससे यह दिखता है कि भले ही वह शारीरिक रूप से कमजोर थे, लेकिन उनका हंसी-मज़ाक और सकारात्मक दृष्टिकोण हमेशा बना रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

संघर्षपूर्ण रहा फ्रेडरिक का जीवन
पिता रॉबर्ट ने आगे कहा कि फ्रेडरिक का जीवन बहुत ही संघर्षपूर्ण था क्योंकि उन्हें बार-बार अस्पताल जाना पड़ता था। उनके परिवार ने फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों में विशेषज्ञों से इलाज कराया। हालांकि, उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों और चिकित्सा टीम ने उनकी बहुत कोशिश की, लेकिन बीमारी के आगे वे नहीं टिक सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed