फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Prices of food items in Russia has become a major challenge for President Vladimir Putin in Russia

रूस: बेलगाम महंगाई बन गई है पुतिन के लिए गहरी चुनौती, पांच साल के सबसे उच्च स्तर पर पहुंची खाद्य मुद्रास्फीति

Mon, 15 Mar 2021 06:26 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 15 Mar 2021 06:26 PM IST
सार

रूस के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल देश में खाद्य मुद्रास्फीति की दर 7.7 फीसदी रही। 2013 के बाद से रूस के लोगों की औसत आमदनी में दस फीसदी की गिरावट आ चुकी है...

विज्ञापन
Prices of food items in Russia has become a major challenge for President Vladimir Putin in Russia
व्लादिमीर पुतिन - फोटो : Pixabay

विस्तार

रूस में खाने पीने की वस्तुओं के दामों में हो रही तेज बढ़ोतरी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे इस देश पर महंगाई की कड़ी मार पड़ी है। आयातित चीजों की बढ़ी कीमत, रूसी मुद्रा रुबल के कमजोर होने और बर्ड फ्लू के असर के कारण चिकन और अंडों के दाम में इजाफे ने महंगाई को आसमान तक पहुंचा दिया है। कई जानकारों का कहना है कि हाल में दिखे राजनीतिक असंतोष का प्रमुख कारण महंगाई ही है।

विज्ञापन


रूस के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल देश में खाद्य मुद्रास्फीति की दर 7.7 फीसदी रही। यह पांच साल का सबसे ऊंचा स्तर है। दूसरी तरफ लोगों की आमदनी में 1.5 फीसदी की गिरावट आई। 2013 के बाद से रूस के लोगों की औसत आमदनी में दस फीसदी की गिरावट आ चुकी है। महंगाई पर काबू पाने की कोशिश में पिछले दिसंबर में सरकार ने चीनी और सूरजमुखी जैसे खाद्यों की कीमत की सीमा तय कर दी। उसके बाद अनाज और दूसरे कृषि पैदावार के निर्यात पर टैक्स बढ़ा दिया गया। राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन ने सार्वजनिक बयान जारी कर सुपरमार्केट्स को आदेश दिया कि वे कीमतों पर कड़ी नजर रखें।
विज्ञापन


लेकिन मीडिया की चर्चाओं में महंगाई के कारण सामाजिक असंतोष फूट पड़ने की आशंकाएं लगातार जाहिर की जा रही हैं। इसे देखते हुए बीते हफ्ते सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया पार्टी के एक सांसद ने सदन में एक बिल पेश किया, जिसमें खाद्य कीमतों के बारे में गलत सूचना फैलाने वालों को सजा देने का प्रावधान है। लेकिन जानकारों का कहना है कि महंगाई वास्तविक है। इसलिए ऐसे कानूनों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने ध्यान दिलाया है कि चीनी की कीमत आज साल भर पहले की तुलना में पौने दो गुना ज्यादा है। इसी तरह अंडों, सूरजमुखी तेल, मीट, फल और सब्जियों के दामों में दस फीसदी से ज्यादा का इजाफा दर्ज हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां के अखबार द मास्को टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक बहुत से लोगों ने दूध, अंडा, ब्रेड और मीट खाना छोड़ दिया है। अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि महंगाई रोकने के लिए सरकार के उठाए कदम बेसर रहे हैं। न्यू इकॉनोमिक स्कूल के रेक्टर रुबेन एनिकोलोपोव ने मास्को टाइम्स से कहा, कीमत की सीमा तय करना हताशा में उठाया गया कदम है। दीर्घकालिक रूप से अर्थव्यवस्था क लिए यह बहुत बुरा कदम है। इससे कारोबारी कृषि में निवेश करने को लेकर हतोत्साहित होंगे।

कारनेग मास्को सेंटर के सीनियर फेलॉ आंद्रेई कोलेस्निकोव के मुताबिक कीमत पर सीमा लगाना कारण का समाधान ढूंढने की बजाय परिणाम को नियंत्रित करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि असली आर्थिक समस्याएं कहीं गहरी हैं। कमजोर प्रतिस्पर्धा और कमजोर रुबल इसकी मुख्य वजहें हैं।

मास्को स्थित सेंटर फॉर पोस्ट इंडस्ट्रियल स्टडीज के निदेशक व्लादिस्लाव इनोजेमेत्सेव के मुताबिक रूस दुनिया भर में बढ़ रही कीमतों के असर से नहीं बच सकता। उन्होंने कहा कि कृषि पैदावार पर बिक्री कर घटाना एक उपाय है, जो सरकार उठा सकती थी। सरकार खुद अनाज खरीद कर सप्लाई का रास्ता अपना सकती थी। लेकिन उसने कीमत तय करने का सहारा लिया, जो पूरी तरह से बेअसर रहा है।


कुछ दूसरे अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि असल समस्या यह है कि रूस में लोग गरीब हैं। रूस में लंबे समय से आर्थिक विकास देखने को नहीं मिला है। इसलिए लोग लगातार संकट में रहते हैं। सात साल से उनकी आमदनी घटती गई है। इससे उनका जीवन स्तर गिरा है। अब ये समस्याएं राजनीतिक संकट का रूप ले रही हैं। हाल में दिखे जनप्रदर्शन यही बताते हैं कि राष्ट्रपति पुतिन के लिए चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed