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Sri Lanka: विक्रमसिंघे ने 13वें संशोधन पर सभी से प्रस्ताव पेश करने को कहा, जल्दी निर्णय लेने में मिलेगी मदद
Wed, 09 Aug 2023 03:49 PM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 09 Aug 2023 03:49 PM IST
सार
राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने बुधवार को सभी लंकाई दलों से 13ए पर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा ताकि इस पर संसद अंतिम निर्णय ले सके।
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प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे
- फोटो : Agency
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विस्तार
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे देश के अल्पसंख्यक तमिल समुदाय के साथ सुलह के प्रयासों के तहत 13वें संशोधन को लागू करने को लेकर काफी प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने बुधवार को सभी लंकाई दलों से 13ए पर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा ताकि इस पर संसद अंतिम निर्णय ले सके।
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श्रीलंका में अल्पसंख्यक तमिल समुदाय 13वें संशोधन को लागू करने की मांग कर रहा है जिसमें उसे सत्ता का हस्तांतरण करने का प्रावधान है। 1987 के भारत-श्रीलंका समझौते के बाद 13 वां संशोधन (13 ए) लाया गया था। इसने उत्तरी और पूर्वी प्रांतों के अस्थायी विलय के साथ नौ प्रांतों को स्थानांतरित इकाइयों के रूप में बनाया।
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राष्ट्रपति विक्रमसिंघे बोले कोई भी राजनीतिक दल 13ए के विरोध में नहीं
संसद में राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने बयान दिया कि कोई भी राजनीतिक दल 13ए के विरोध में नहीं है, इसलिए सभी दलों को 13ए के माध्यम से सत्ता हस्तांतरित करने के तरीकों का गहन अध्ययन करने के लिए आमंत्रित करता हूं। मैं उनसे अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए कहता हूं ताकि संसद इस पर अंतिम निर्णय लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रांतीय परिषदों की भविष्य की भूमिका पर निर्णय संसद को करना चाहिए।
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राष्ट्रपति ने दोहराया कि वह प्रांतीय परिषदों की कार्यप्रणाली पर अंकुश लगाने की केंद्र सरकार की शक्तियों को कम करके उनकी प्रणाली को और अधिक सार्थक बनाने के लिए संशोधन लाएंगे। आगे राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने कहा कि संसद की शक्तियों पर सहमति के बाद रुके हुए प्रांतीय परिषद चुनाव कराए जा सकते हैं। बता दें कि चुनाव सुधारों के कदम के बाद 2018 से नौ प्रांतों के चुनाव रुके हुए हैं।
श्रीलंकाई तमिलों की चिंताओं पर दिया ध्यान
पिछले महीने राष्ट्रपति ने तमिल पार्टियों को आश्वासन दिया था कि विवादास्पद 13वां संशोधन प्रांतीय परिषदों में, पुलिस शक्तियों के बिना, पूरी तरह से लागू किया जाएगा। विक्रमसिंघे ने तमिलों के सामने आने वाली चिंताओं पर भी ध्यान दिया और उत्तरी क्षेत्र में हवाई और समुद्री कनेक्टिविटी में सुधार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तरी श्रीलंका में कांकेसंथुराई (केकेएस) हार्बर, वावुनिया और पलाली हवाई अड्डों को बढ़ाने और उत्तरी प्रांत और दक्षिणी भारत के बीच एक नौका सेवा स्थापित करने की योजना बना रही है।