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यूएनएससी में बोले जेलेंस्की: यूक्रेन को अपना 'मूक गुलाम' बनाना चाहता है रूस, युद्ध अपराधों के लिए चलाया जाए मुकदमा
Tue, 05 Apr 2022 10:31 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 05 Apr 2022 10:31 PM IST
सार
रूस-यूक्रेन युद्ध मंगलवार को 41वें दिन में प्रवेश कर गया लेकिन अब भी कई इलाकों में हमले जारी हैं। बूचा में जगह-जगह बिखरे शवों ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र परिषद में मंगलवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति ने रूस पर आरोप लगाए और कहा कि वह हमें अपना मूक गुलाम बनाने की कोशिश कर रहा है।
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यूएनएससी को संबोधित करते यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की
- फोटो : एएनआई
विस्तार
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से कहा कि युद्ध अपराधों के लिए रूसी सेना को तुरंत न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए। वीडियो माध्यम से अपने संबोधन में जेलेंस्की ने रूस के सैनिकों पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे बर्बर अत्याचार करने का आरोप लगाया और कहा कि वे इस्लामिक स्टेट समूह जैसे आतंकवादियों से अलग नहीं हैं।
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यूक्रेन के विभिन्न इलाकों खासकर बूचा से सामने आई खौफनाक तस्वीरों ने दुनिया में खलबली मचा दी है और रूस के खिलाफ युद्ध अपराधों के लिए मुकदमा व कठोर पाबंदी लगाने की मांग की गई है। बूचा व अन्य शहरों में हिंसा को लेकर जेलेंस्की ने कहा कि रूसी सेना और इसके आदेश देने वालों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए। रूस को सुरक्षा परिषद से बाहर करने की जरूरत है।
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जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र की सबसे शक्तिशाली इकाई को लाशों के अंबार का एक संक्षिप्त वीडियो फुटेज दिखाते हुए सदस्यों से रूसी आक्रमण को रोकने का आह्वान किया। जेलेंस्की ने आगे कहा कि रूसी सैनिकों के कृत्य आतंकवादियों से कुछ अलग नहीं हैं। रूसी सैनिकों ने जातीय और धार्मिक विविधता को नष्ट करने की नीति पर काम किया, इसके बाद युद्ध भड़काया और कई नागरिकों की जान ली।
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उन्होंने कहा कि यूक्रेन में रूस की हरकतों का परिणाम द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से सबसे भीषण युद्ध अपराधों के रूप में देखने को मिल रही है। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस यूक्रेन को 'मूक दास' बनाना चाहता है और कहा कि रूस को उसकी हरकतों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अधिक प्रभावी संयुक्त राष्ट्र के लिए सुधार करने का अनुरोध भी किया।
बूचा में जेलेंस्की ने कहा, हम इसका बदला जरूर लेंगे
यूएनएससी को संबोधित करने से पहले जेलेंस्की ने बूचा का दौरा किया था। इस दौरान भावुक हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अब रूस के साथ शांति वार्ता की गुंजाइश बहुत कम है। हालांकि, युद्ध रोकने के लिए उन्होंने वार्ता को आवश्यक बताया। जेलेंस्की ने सड़कों पर बिखरे शवों को देखकर कहा कि यूक्रेन अपने नागरिकों की हत्या का बदला जरूर लेगा। उन्होंने रूस के कृत्यों को गंभीर युद्ध अपराध बताया है।
पश्चिमी देशों की रूस पर और प्रतिबंध लगाने की योजना
यूक्रेन में नागरिकों की रूसी सैनिकों द्वारा हत्या करने के साक्ष्य मिलने के बाद पश्चिमी देश रूस पर और प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहे हैं। उधर, बूचा नरसंहार के बाद अमेरिका ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को युद्ध अपराधी बताते हुए उन पर मुकदमा चलाने की मांग की है। बाइडन ने कहा- बूचा में जो हुआ वह भयानक है और सभी ने इसे देखा है।
फिर जुट रही रूसी सेना, डोनाबास पर हमले की तैयारी
यूक्रेनी सेना के जनरल स्टाफ ने मंगलवार सुबह कहा कि रूस अपनी सेना को फिर एकत्रित कर रहा है और उसकी डोनाबास पर हमले की तैयारी है। जनरल स्टाफ के फेसबुक पेज पर प्रकाशित खबर में कहा गया, हमारा लक्ष्य दोनेस्क व लुहांस्क पर नियंत्रण हासिल करना है। रूसी सेना दोनेस्क और लुहांस्क के अलावा पोपासना व रुबिझ्ने जैसे शहरों पर नियंत्रण हासिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
अमेरिका ने रूसी बांड के भुगतान पर लगा दी है रोक
अमेरिका ने रूसी सरकार को अपने संप्रभू ऋण धारकों द्वारा अमेरिकी बैंकों में रखे भंडार से 60 करोड़ डॉलर से अधिक का भुगतान रोक दिया है। इससे पहले 24 फरवरी को अमेरिकी वित्तीय संस्थानों में रूसी केंद्रीय बैंक द्वारा रखे गए विदेशी मुद्रा भंडार को फ्रीज कर दिया था। वित्त मंत्रालय रूस को मामला-दर-मामला आधार पर उन निधियों के इस्तेमाल की अनुमति दे रहा था. अब उसमें भी कटौती की गई है।