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El Salvador: अब्रेगो गार्सिया के आरोपों पर अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति की सफाई, कहा- जेल में पीटने के दावे गलत
Fri, 04 Jul 2025 07:55 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैक्सिको सिटी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मैक्सिको सिटी
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 04 Jul 2025 07:55 AM IST
सार
अमेरिका से गलती से निर्वासित किए गए युवक अब्रेगो गार्सिया ने आरोप लगाए हैं। युवक ने कहा कि अल साल्वाडोर की जेल में उनकी पिटाई की गई और मानसिक यातना दी गई। इन आरोपों को अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति ने खारिज किया है।
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अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले।
- फोटो : presidencia.gob.sv
विस्तार
अल साल्वाडोर की जेल में बंद युवक अब्रेगो गार्सिया के आरोपों को राष्ट्रपति नायब बुकेले ने खारिज किया है। बुकेले ने कहा है कि किल्मर अब्रेगो गार्सिया को जेल में पीटने और मानसिक यातना दिए जाने के दावे गलत हैं। एक्स पर बुकेले ने लिखा कि अब्रेगो गार्सिया को यातना नहीं दी गई, न ही उनका वजन कम हुआ है। पोस्ट में बुकेले ने हिरासत कक्ष में अब्रेगो गार्सिया की तस्वीरें और वीडियो शामिल किए। बुकेले ने लिखा कि यदि गार्सिया को प्रताड़ित किया गया होता या नींद से वंचित रखा गया और भूखा रखा गया होता तो वह हर तस्वीर में इतना अच्छा क्यों दिखता है?
हाल ही में अदालत में सुनवाई के दौरान गार्सिया ने आरोप लगाए थे कि उनको जेल में पीटा गया। नींद से वंचित रखा गया और मानसिक यातनाएं दी गईं। जेल आने के बाद उन्हें इतनी बार लात-घूंसे मारे गए और इतनी बार मारा गया कि अगले दिन तक उनके शरीर पर चोट के निशान और गांठें साफ दिखाई देने लगीं। उन्हें और 20 अन्य लोगों को पूरी रात घुटनों के बल बैठने के लिए मजबूर किया गया और जो भी गिरता था, उसे गार्ड पीटते थे।
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अब्रेगो गार्सिया ने यह भी कहा कि जेल में बंदियों को बिना गद्दे वाली धातु की चारपाइयों पर रखा गया था। एक भीड़भाड़ वाली कोठरी में जिसमें कोई खिड़कियां नहीं थीं, 24 घंटे चमकदार रोशनी रहती थी, और शौचालय की न्यूनतम सुविधा थी।
अब्रेगो गार्सिया का विवरण अन्य साल्वाडोरवासियों के विवरण से मेल खाता है। जिन्हें बुकेले के आपातकाल के तहत हिरासत में लिया गया था। जब सरकार ने देश के गिरोहों के खिलाफ युद्ध में मध्य अमेरिकी राष्ट्र की 1 प्रतिशत से अधिक आबादी को हिरासत में लिया था। मानवाधिकार समूहों के अनुसार, जेलों में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और यातना और बदतर स्थितियों के मामले भी दर्ज किए गए हैं।
अमेरिका से किया गया था निर्वासित
29 वर्षीय साल्वाडोर के नागरिक अब्रेगो गार्सिया को मैरीलैंड में गिरफ्तार कर निर्वासित कर दिया गया था। जबकि 2019 में एक इमिग्रेशन जज ने उन्हें अल साल्वाडोर में निर्वासन से बचा लिया था। क्योंकि उन्हें वहां के स्थानीय गिरोहों द्वारा उत्पीड़न का सामना करना पड़ सकता था। युवक के निर्वासन को व्हाइट हाउस ने प्रशासनिक त्रुटि बताया था।
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ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा
अल साल्वाडोर में अब्रेगो गार्सिया की कैद को लेकर उसकी पत्नी ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मैरीलैंड संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया था। ट्रंप प्रशासन ने मैरीलैंड के एक संघीय न्यायाधीश से मुकदमा खारिज करने का अनुरोध किया है। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि अब यह मुकदमा बेमानी है, क्योंकि सरकार ने अदालत के आदेशानुसार उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका वापस भेज दिया है।
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हाल ही में अदालत में सुनवाई के दौरान गार्सिया ने आरोप लगाए थे कि उनको जेल में पीटा गया। नींद से वंचित रखा गया और मानसिक यातनाएं दी गईं। जेल आने के बाद उन्हें इतनी बार लात-घूंसे मारे गए और इतनी बार मारा गया कि अगले दिन तक उनके शरीर पर चोट के निशान और गांठें साफ दिखाई देने लगीं। उन्हें और 20 अन्य लोगों को पूरी रात घुटनों के बल बैठने के लिए मजबूर किया गया और जो भी गिरता था, उसे गार्ड पीटते थे।
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अब्रेगो गार्सिया ने यह भी कहा कि जेल में बंदियों को बिना गद्दे वाली धातु की चारपाइयों पर रखा गया था। एक भीड़भाड़ वाली कोठरी में जिसमें कोई खिड़कियां नहीं थीं, 24 घंटे चमकदार रोशनी रहती थी, और शौचालय की न्यूनतम सुविधा थी।
अब्रेगो गार्सिया का विवरण अन्य साल्वाडोरवासियों के विवरण से मेल खाता है। जिन्हें बुकेले के आपातकाल के तहत हिरासत में लिया गया था। जब सरकार ने देश के गिरोहों के खिलाफ युद्ध में मध्य अमेरिकी राष्ट्र की 1 प्रतिशत से अधिक आबादी को हिरासत में लिया था। मानवाधिकार समूहों के अनुसार, जेलों में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और यातना और बदतर स्थितियों के मामले भी दर्ज किए गए हैं।
अमेरिका से किया गया था निर्वासित
29 वर्षीय साल्वाडोर के नागरिक अब्रेगो गार्सिया को मैरीलैंड में गिरफ्तार कर निर्वासित कर दिया गया था। जबकि 2019 में एक इमिग्रेशन जज ने उन्हें अल साल्वाडोर में निर्वासन से बचा लिया था। क्योंकि उन्हें वहां के स्थानीय गिरोहों द्वारा उत्पीड़न का सामना करना पड़ सकता था। युवक के निर्वासन को व्हाइट हाउस ने प्रशासनिक त्रुटि बताया था।
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ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा
अल साल्वाडोर में अब्रेगो गार्सिया की कैद को लेकर उसकी पत्नी ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मैरीलैंड संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया था। ट्रंप प्रशासन ने मैरीलैंड के एक संघीय न्यायाधीश से मुकदमा खारिज करने का अनुरोध किया है। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि अब यह मुकदमा बेमानी है, क्योंकि सरकार ने अदालत के आदेशानुसार उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका वापस भेज दिया है।
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