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छलका दर्द: UNGA अध्यक्ष बोले- काश सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए जादू की छड़ी होती
Wed, 15 Sep 2021 03:31 PM IST
अजय सिंह
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अजय सिंह
Updated Wed, 15 Sep 2021 03:31 PM IST
सार
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र को धुएं की परत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
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Maldives Foreign Minister Abdullah Shahid
- फोटो : social media
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार करने के लिए काश उनके पास जादू की छड़ी होती। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य इस प्रक्रिया को गंभीरता से लेंगे। मालदीव के विदेश मंत्री शाहिद को इस साल सात जुलाई को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया था।
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शाहिद ने कहा, ‘काश मेरे पास सुरक्षा परिषद में बदलाव और सुधार करने के लिए जादू की छड़ी होती। 1979 में मालदीव सुरक्षा परिषद पर एक एजेंडा शामिल करने के उद्देश्य से 10 देशों के समूह में शामिल हुआ और मुझे काफी गर्व है कि मालदीव पहले 10 देशों में से एक है जिसने इसकी पहल की।’
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उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘हालांकि अध्यक्ष के तौर पर मेरे पास जादू की छड़ी नहीं है, मैं उम्मीद करता हूं कि सदस्य इस प्रक्रिया को गंभीरता से लेंगे।’
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उन्होंने कहा कि वह अंतर-सरकारी वार्ता (आईजीएन) के लिए सह-वार्ताकार नियुक्त करेंगे ताकि वे और संयुक्त राष्ट्र सदस्यों के पास इस पर काम करने के लिए और वक्त हो और मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने कहा था, ‘मैंने पहले भी कई बार कहा है कि संयुक्त राष्ट्र को धुएं की परत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। आज संयुक्त राष्ट्र पर काम शुरू करने के संशोधित फैसले के साथ हम अगले सत्र की ओर इस उम्मीद के साथ बढ़ेंगे कि हम सुरक्षा परिषद में लंबे समय से अटके सुधार की ओर निर्णायक प्रगति कर सकें।
महासभा के 76वें सत्र की अध्यक्षता संभालने के बाद शाहिद ने पत्रकारों से कहा कि उनकी उम्मीद की अध्यक्षता सभी के अधिकारों का सम्मान करने और संयुक्त राष्ट्र के पुन: नवीनीकरण के बारे में हैं। हमें ऐसे संगठन की आवश्यकता है जिससे उसका उद्देश्य पूरा होता है।