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Bangladesh: शेख हसीना के शासन काल में अत्याचारों के रिकॉर्ड होंगे संरक्षित, जानें क्या है यूनुस सरकार की योजना

Mon, 03 Mar 2025 11:44 AM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: पवन पांडेय Updated Mon, 03 Mar 2025 11:44 AM IST
सार

बांग्लादेश की अंतिरम सरकार ने देश में शेख हसीना के शासन काल में हुए अत्याचारों के सबूत को संरक्षित करने की बात कही है। रविवार को संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान, यूनुस ने इस बात पर जोर दिया कि उचित अभिलेखीय प्रणाली के बिना सच्चाई जानना और न्याय सुनिश्चित करना मुश्किल है।

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Preserving records of 'atrocities' by Hasina regime critical: Muhammad Yunus, News in hindi
मोहम्मद यूनुस, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार - फोटो : ANI

विस्तार

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रशासन के तहत किए गए कथित अत्याचारों के अभिलेखों के सावधानीपूर्वक संरक्षण का आह्वान किया है। एक स्थानीय अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान, यूनुस ने इस बात पर जोर दिया कि उचित अभिलेखीय प्रणाली के बिना सच्चाई जानना और न्याय सुनिश्चित करना मुश्किल है।
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यूनुस ने किया न्यायिक हत्याओं का उल्लेख
मुख्य सलाहकार के प्रेस विंग की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि मुख्य सलाहकार ने संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर ग्वेन लुईस और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञ हुमा खान के साथ अपनी बातचीत के दौरान शापला चत्तर में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई, देलवर हुसैन सईदी फैसले के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की बर्बरता और कथित न्यायेतर हत्याओं के वर्षों का हवाला दिया। इसके जवाब में, संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने मानवाधिकारों के हनन के दस्तावेजीकरण में बांग्लादेश की सहायता करने की अपनी इच्छा की पुष्टि की। तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण में संयुक्त राष्ट्र की विशेषज्ञता की पेशकश करते हुए लुईस ने कहा, यह उपचार और सत्य-निर्माण की एक प्रक्रिया है।
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शरणार्थियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहायता में कमी
मोहम्मद यूनुस ने जुलाई-अगस्त 2024 में हुए उत्थान के बाद संयुक्त राष्ट्र की तरफ से प्रकाशित मानवाधिकार उल्लंघन पर आधारित रिपोर्ट की सराहना की, जिससे 15 वर्षों तक चलने वाली अवामी लीग सरकार का पतन हो गया। लुईस ने बताया कि मानवाधिकार परिषद में 5 मार्च को जेनेवा में यह रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। वहीं इस बैठक में रोहिंग्या शरणार्थियों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। लुईस ने शरणार्थियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहायता में कमी की चिंता व्यक्त की। इस पर यूनुस ने कहा, 'हमें बहुत खुशी है कि संयुक्त राष्ट्र ने यह रिपोर्ट प्रकाशित की है; यह समय पर है'।
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13-16 मार्च तक बांग्लादेश के दौरे पर रहेंगे गुटेरेस
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस 13-16 मार्च तक बांग्लादेश का दौरा करेंगे। ग्वेन लुईस का कहना है कि उनका दौरा शरणार्थी संकट पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करने में मदद करेगा। लुईस ने कहा, 'हम पैसे की स्थिति को लेकर बहुत चिंतित हैं,' उन्होंने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए खाद्य आपूर्ति और अन्य बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रति माह 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर की जरूरत है।
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